Homeराज्यबिहार में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार! 10 महीने में 6,104...

बिहार में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार! 10 महीने में 6,104 गिरफ्तार, 46 हजार किलो से ज्यादा गांजा जब्त

पटना : बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में इस साल रिकॉर्ड कार्रवाई हुई है। 27 अक्टूबर 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 4,232 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 6,104 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) रत्न संजय और गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

2025 के मुकाबले 2026 में दोगुनी से ज्यादा कार्रवाई

समीक्षा बैठक में सामने आया कि वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 2,583 मामले दर्ज किए गए थे और 3,562 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। वहीं, वर्ष 2026 में 27 अक्टूबर तक ही 4,232 मामले दर्ज हो चुके हैं और 6,104 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

वर्ष 2023 से 27 अक्टूबर 2026 तक बिहार में कुल 11,347 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 13,543 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि राज्य में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की है।

46 हजार किलो से ज्यादा गांजा और लाखों नशीली गोलियां जब्त

नशीले पदार्थों की बरामदगी के मामले में भी बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2026 में अब तक जब्त किए गए मादक पदार्थों का आंकड़ा चौंकाने वाला है।

– गांजा: 46,549.95 किलोग्राम
– हीरोइन, ब्राउन शुगर और स्मैक: 149.696 किलोग्राम
– नशीली गोलियां और कैप्सूल: 11,56,380
– नशीले इंजेक्शन: 4,92,870
– कोडीन युक्त कफ सिरप: 5,11,988 बोतल

गांजा जब्ती में अररिया जिला 10,573 किलोग्राम के साथ पहले स्थान पर रहा। सुपौल में 8,813 किलोग्राम और मधुबनी में 4,483 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। वहीं, हीरोइन की बरामदगी में पटना 24.1 किलोग्राम के साथ सबसे आगे रहा, जबकि पूर्णिया में 20 किलोग्राम हीरोइन जब्त की गई।

ड्रग्स के विनष्टिकरण में 10 गुना से ज्यादा वृद्धि

बिहार पुलिस ने जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई भी तेज की है। वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में जब्त नशीले पदार्थों के विनष्टिकरण में करीब 10.1 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल अब तक 25,247 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए जा चुके हैं।

इसके अलावा, अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। फसल वर्ष 2025-26 के दौरान 37 मामले दर्ज किए गए और 198 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 512.235 एकड़ में लगी अवैध अफीम की फसल नष्ट की गई। इसमें अकेले गया जी जिले में 508.755 एकड़ फसल शामिल है।

1,652 मामलों में 2,225 दोषियों को मिली सजा

नशे के कारोबार में शामिल आरोपियों को सजा दिलाने के लिए राज्य में 10 विशेष न्यायालय काम कर रहे हैं। वर्ष 2021 से अगस्त 2026 तक कुल 1,652 मामलों में 2,225 अभियुक्तों को सजा दिलाई जा चुकी है।

आदतन नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 132 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन मामलों में गृह विभाग की ओर से निरोध आदेश जारी कर तामील कराया जा चुका है।

वहीं, व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े 231 मामलों में 417 आरोपियों की अवैध संपत्ति की वित्तीय जांच भी की जा रही है। इसका उद्देश्य नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर प्रहार करना है।

मानस पोर्टल से मिले 3,718 इनपुट, 138 FIR दर्ज

नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान और त्वरित कार्रवाई के लिए मानस पोर्टल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 3,718 इनपुट प्राप्त हुए हैं। इन सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए 138 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

26 नवंबर तक चलेगा नशा मुक्त बिहार अभियान

राज्य में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक ‘नशा मुक्त बिहार अभियान 2026’ चलाया जा रहा है। इसके तहत युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ‘ड्रग फ्री जोन’ घोषित करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता पर रोक लगाई जा सके।

मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे नशामुक्ति वार्ड

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें मुख्यमंत्री स्तर पर नियमित समीक्षा, जिला स्तर पर हर महीने एनकॉर्ड की बैठक आयोजित करना, सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में नशामुक्ति के लिए समर्पित वार्ड स्थापित करना शामिल है।

इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने और एनडीपीएस मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

सरकार का लक्ष्य केवल नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को उपचार और पुनर्वास के जरिए समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। आने वाले दिनों में इन अभियानों के जरिए बिहार को नशामुक्त बनाने की दिशा में कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments