पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बार दीपावली का पर्व अपने परिवार के साथ खास अंदाज में मनाया। पटना स्थित लोक सेवक आवास पर मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी पहली दिवाली मनाई। इस विशेष अवसर पर उनके घर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने पिता शकुनी चौधरी, पत्नी और बच्चों के साथ मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
दीपावली के मौके पर मुख्यमंत्री आवास को पारंपरिक तरीके से सजाया गया। घर में दीपों की रोशनी और पूजा की तैयारियों के बीच पूरे परिवार ने एक साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार के सदस्यों के साथ पूजा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने दीप जलाकर दीपावली की परंपरा को निभाया।
मुख्यमंत्री के लिए यह दीपावली कई मायनों में खास रही। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद लोक सेवक आवास पर परिवार के साथ पहली बार दीपावली मनाना उनके लिए एक यादगार अवसर रहा। इस मौके पर परिवार के साथ पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन ने त्योहार की खुशियों को और खास बना दिया।
दीपावली को भारतीय संस्कृति में प्रकाश, खुशहाली और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और भगवान गणेश की आराधना से शुभता एवं मंगल का आगमन होता है। यही वजह है कि देशभर में लोग अपने घरों में दीप जलाकर और पूजा-अर्चना कर इस पर्व को मनाते हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी परिवार के साथ इसी परंपरा का निर्वहन किया। लोक सेवक आवास पर मनाई गई यह पहली दिवाली उनके पारिवारिक जीवन के साथ-साथ मुख्यमंत्री के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी से जुड़ी एक यादगार दीपावली बन गई।







