जमुई: जिले के खैरा थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव से महिलाओं के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रोजगार के लिए लोन दिलाने का भरोसा देकर करीब 20 से 25 महादलित महिलाओं से आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लिए गए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर महिलाओं के नाम पर 40 हजार से 70 हजार रुपये तक का कर्ज निकाल लिया गया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद एक महिला ने खैरा थाना में आवेदन देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोजगार के लिए लोन दिलाने का दिया गया था भरोसा
शिकायतकर्ता प्रतिमा देवी, पति बाटो मांझी, के अनुसार, 10 सितंबर 2025 को गांव में महिलाओं की एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए लोन दिलाने की बात कही गई।
इसी दौरान महिलाओं से आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज लिए गए। आरोप है कि महिलाओं के अंगूठे के निशान भी विभिन्न वित्तीय और बीमा संबंधी फॉर्म पर लिए गए।
दस्तावेज लेने के बाद निकाला गया कर्ज
प्रतिमा देवी का आरोप है कि इसी प्रक्रिया के तहत गांव की करीब 20 से 25 महिलाओं के दस्तावेज लिए गए। बाद में उनके नाम पर कथित रूप से 40 हजार से 70 हजार रुपये तक का कर्ज लिया गया।
महिलाओं को इस कर्ज की जानकारी तत्काल नहीं मिली। करीब दो महीने बाद जब उनके घर कर्ज से संबंधित सूचना पहुंची, तब उन्हें अपने नाम पर लिए गए लोन के बारे में पता चला।
इसके बाद महिलाओं ने अपने स्तर से मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाएं बनीं कथित शिकार
शिकायत में कहा गया है कि प्रभावित महिलाओं में अधिकांश मांझी समुदाय से हैं और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। कई महिलाओं के पति दूसरे राज्यों में मजदूरी करते हैं।
ऐसे में महिलाओं के नाम पर लिए गए कर्ज की राशि चुकाना उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।
कर्ज को लेकर सवाल करने पर धमकी देने का आरोप
महिलाओं ने जब कथित तौर पर संबंधित लोगों से उनके नाम पर लिए गए कर्ज के बारे में पूछताछ की, तो विवाद बढ़ गया।
प्रतिमा देवी ने आरोप लगाया कि पूछताछ करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
शिकायत के अनुसार, 24 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर उनके घर भी पहुंचे। महिला ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
प्रतिमा देवी ने खैरा थाना में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने महिलाओं के नाम पर लिए गए कर्ज, संबंधित दस्तावेजों और ऋण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
खैरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के अनुसार, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे प्रकरण की छानबीन कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिलाओं के दस्तावेजों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और उनके नाम पर कितनी राशि का कर्ज लिया गया।
बैंक और दस्तावेजों की जांच से खुलेगा पूरा मामला
मामले की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि महिलाओं के नाम पर किस वित्तीय संस्था से कर्ज लिया गया, आवेदन किसने भरे और दस्तावेजों का इस्तेमाल किस प्रक्रिया के तहत हुआ।
पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित धोखाधड़ी में कितने लोग शामिल हैं और महिलाओं के नाम पर कुल कितनी राशि का कर्ज लिया गया है।







