पटना: बिहार में छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से बातचीत की पहल सामने आई है। 15 सूत्री मांगों को लेकर गर्दनीबाग में धरना दे रहे छात्रों से मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारियों ने मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है।
CMO के अधिकारियों ने छात्रों से की बातचीत
लगातार आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच CMO के अधिकारियों के पहुंचने से बातचीत की उम्मीद बढ़ी है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से उनकी मांगों और समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
छात्रों की ओर से 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है, जिसमें BPSC, TRE और BELTRON समेत विभिन्न मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए बुलाया
छात्रों की मांगों को लेकर अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बातचीत का रास्ता खुला है। छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगें सीधे रखने की तैयारी में है।
इस पहल से आंदोलन कर रहे छात्रों को अपनी बात सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
15 सूत्री मांगों पर होगी चर्चा
छात्रों का आंदोलन कई मुद्दों को लेकर चल रहा है। इनमें भर्ती परीक्षाओं, BPSC और TRE से जुड़े विषयों के साथ अन्य मांगें भी शामिल हैं।
छात्र चाहते हैं कि उनकी सभी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करे और जिन मुद्दों पर तत्काल निर्णय संभव है, उन पर जल्द कार्रवाई की जाए।
छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा था आक्रोश
पटना में आंदोलन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी थी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और पुलिस कार्रवाई की गई थी। इस घटना के बाद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।
इसी बीच सरकार की ओर से बातचीत की पहल को आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार ने शुरू किया विद्यार्थी सहयोग शिविर
छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू करने की घोषणा भी की है। इसके तहत हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की शिकायतें और सुझाव सुने जाएंगे।
इसके अलावा ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने शिकायतों के अधिकतम 30 दिनों में अंतिम निस्तारण का लक्ष्य रखा है।
अब बातचीत से समाधान की उम्मीद
छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से बातचीत की पहल के बाद अब दोनों पक्षों के बीच संवाद से समाधान निकलने की उम्मीद जगी है।
फिलहाल सबकी नजर मुख्यमंत्री और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बातचीत पर है। इसी बैठक में 15 सूत्री मांगों पर सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होने की संभावना है।







