पटना : रक्षाबंधन के मौके पर बिहार के चर्चित शिक्षक और ज्ञान बिंदु के निदेशक रोशन आनंद ने अपने दिवंगत भाई प्रिंस यादव की याद में बड़ा फैसला लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता की पैतृक संपत्ति में अपने हिस्से का आधा हिस्सा और अपनी अर्जित निजी संपत्ति का भी आधा हिस्सा छात्रों के हित में दान करेंगे।
रोशन आनंद ने बताया कि इस संपत्ति से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल आर्थिक रूप से कमजोर और पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई का सामना कर रहे छात्र-छात्राओं की मदद के लिए किया जाएगा। उनका उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
भाई प्रिंस यादव की याद में लिया फैसला
रोशन आनंद ने कहा कि उनके दिवंगत भाई प्रिंस यादव उनके लिए बेहद खास थे। बड़े भाई होने के कारण वह उन्हें पिता के समान मानते थे। उन्होंने कहा कि भाई का उनकी निजी संपत्ति में भी अधिकार था, इसलिए उनकी याद को हमेशा जीवित रखने के लिए उन्होंने अपनी अर्जित संपत्ति का आधा हिस्सा छात्रों के हित में देने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि प्रिंस यादव को वह आज भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं और अपने संबोधनों में अक्सर उनका जिक्र करते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर लिया गया यह फैसला उनके भाई के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि का एक माध्यम है।
जरूरतमंद छात्रों की पढ़ाई में खर्च होगी राशि
रोशन आनंद के मुताबिक, दान की जाने वाली संपत्ति से प्राप्त राशि का इस्तेमाल ऐसे छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर किया जाएगा, जो पढ़ाई में सक्षम हैं लेकिन आर्थिक या अन्य परेशानियों के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए यह राशि खर्च की जाएगी, ताकि आर्थिक परेशानी किसी प्रतिभाशाली छात्र की पढ़ाई में बाधा न बने।
लाइब्रेरी में छात्रों को मिलेगी मुफ्त सुविधा
रोशन आनंद ने बताया कि उनके भाई प्रिंस यादव एक लाइब्रेरी के संरक्षण से भी जुड़े हुए थे। अब इस लाइब्रेरी का लाभ छात्र-छात्राओं को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।
रक्षाबंधन के अवसर पर लाइब्रेरी की मुफ्त सुविधा के लिए छात्रों को कार्ड भी वितरित किए गए। रोशन आनंद ने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके भाई की यादों को जीवित रखने का एक सार्थक प्रयास है।
रक्षाबंधन पर रोशन आनंद का यह ऐलान छात्रों की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर एक बड़ी पहल के रूप में सामने आया है।







