पटना/मोकामा: बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मोकामा के पास गंगा नदी पर बने नए डबल लाइन रेल पुल पर अक्टूबर से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले नए पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य किया जाएगा।
रेलवे के इस तकनीकी कार्य के कारण 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 845 ट्रेन सेवाएं प्रभावित होंगी। इनमें 338 ट्रेनें रद्द, 384 ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा, जबकि 56 ट्रेनें शॉर्ट-टर्मिनेट और 67 ट्रेनें शॉर्ट-ओरिजिनेट की जाएंगी।
अक्टूबर से नए पुल पर शुरू हो सकता है ट्रेनों का परिचालन
मोकामा के पास गंगा पर बनाया गया नया डबल लाइन रेल पुल पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किया गया है। पुराने पुल पर सिंगल रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों के परिचालन में क्षमता संबंधी बाधाएं आती थीं।
नए पुल के शुरू होने के बाद इस रेलखंड की क्षमता बढ़ेगी और महत्वपूर्ण पूर्वी रेल मार्गों पर ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
14 दिनों तक रहेगा बड़ा रेल ब्लॉक
नए पुल को रेलवे के मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इसके लिए करीब 14 दिनों तक ट्रेनों के परिचालन में बड़े बदलाव किए जाएंगे।
इस अवधि में यात्रियों को अपनी ट्रेन के शेड्यूल की जानकारी यात्रा से पहले जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
338 ट्रेनें रहेंगी रद्द
रेलवे की योजना के अनुसार इस अवधि में अलग-अलग तारीखों पर 338 ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी।
इसके अलावा:
- 384 ट्रेनें डायवर्ट की जाएंगी।
- 56 ट्रेनें शॉर्ट-टर्मिनेट होंगी।
- 67 ट्रेनें शॉर्ट-ओरिजिनेट होंगी।
- कुल मिलाकर 845 ट्रेन सेवाएं प्रभावित होंगी।
कई प्रमुख रेल मार्गों पर पड़ेगा असर
इस कार्य का असर केवल मोकामा या पटना तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और असम की ओर जाने वाली कई ट्रेनों के परिचालन में भी बदलाव किया जाएगा।
हावड़ा, जयनगर, पटना, मालदा, नई दिल्ली, गोरखपुर, रांची और अन्य प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली कई ट्रेनें इस अवधि में प्रभावित हो सकती हैं।
पांच प्रमुख रेल कनेक्शनों से जुड़ेगा नया पुल
नए डबल लाइन पुल को रेलवे के मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के लिए अपर हथीदह जंक्शन, ताल जंक्शन, रामपुर दुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन की ओर कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है।
इससे नए पुल का इस्तेमाल मौजूदा रेल नेटवर्क के साथ बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी।
पुराने राजेंद्र सेतु पर क्यों जरूरी था नया पुल?
मोकामा के पास गंगा पर मौजूद पुराने राजेंद्र सेतु पर रेल परिचालन के लिए सिंगल लाइन व्यवस्था है। तकनीकी सीमाओं के कारण पुराने पुल को डबल लाइन में बदलना संभव नहीं था। इसी वजह से उसके समानांतर नए डबल लाइन रेल पुल का निर्माण किया गया।
नए पुल से इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने और परिचालन संबंधी दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे के इस ब्लॉक के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन का स्टेटस पहले से जांच लेना चाहिए। किसी ट्रेन के रद्द, डायवर्ट या आंशिक रूप से संचालित होने की स्थिति में यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाना बेहतर होगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि 20 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें।







