पटना: नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता को लेकर बिहार प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। संस्थान के पदाधिकारियों का दावा है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम और संस्थानों को मान्यता देने का अधिकार राज्य सरकार एवं स्टेट नर्सिंग काउंसिल के पास है, जबकि इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC), नई दिल्ली संवैधानिक नियामक के रूप में संस्थानों को मान्यता प्रदान नहीं करती है।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि राज्य एवं केंद्र सरकार नर्सिंग और मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। नर्सिंग शिक्षा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की मान्यता राज्य सरकार तथा संबंधित स्टेट नर्सिंग काउंसिल के माध्यम से प्रदान की जाती है।
पदाधिकारियों के अनुसार, इंडियन नर्सिंग काउंसिल का प्रमुख दायित्व नर्सिंग शिक्षा के लिए समान मानक और पाठ्यक्रम निर्धारित करना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने से संबंधित है। वहीं, नर्सिंग के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री और पीजी पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों की मान्यता राज्य स्तर पर राज्य सरकार और स्टेट नर्सिंग काउंसिल द्वारा दी जाती है।
इस संबंध में कर्नाटक स्टेट हेल्थ एसोसिएशन बनाम इंडियन नर्सिंग काउंसिल, 2017 के न्यायिक निर्णय का भी हवाला दिया गया। इसके अलावा प्राइवेट नर्सिंग स्कूल एंड कॉलेज मैनेजमेंट एसोसिएशन, 2019 से संबंधित मामले का उल्लेख करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायालय के निर्णयों में राज्य सरकार और स्टेट नर्सिंग काउंसिल की भूमिका को स्पष्ट किया गया है।
पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि 15 अक्टूबर 2020 को इंडियन नर्सिंग काउंसिल की ओर से जारी पत्र में कर्नाटक हाईकोर्ट के 24 जुलाई 2017 के WP 25355-57/2017 के निर्णय का उल्लेख करते हुए मान्यता के अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई थी। उनके अनुसार, यह पत्र इंडियन नर्सिंग काउंसिल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
बिहार प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस पूरे मामले की जानकारी दी। इसकी जानकारी संगठन के अध्यक्ष डॉ. कौशल कुमार गिरि एवं अन्य पदाधिकारियों ने दी।







