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अररिया सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी के मद्देनजर सदर एसडीपीओ ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

अररिया :अररिया व्यवहार न्यायालय को एक बार फिर से उड़ाने की धमकी दी गई है।

आतंकियों के द्वारा अररिया जिला व्यवहार न्यायालय को उड़ाने और आतंकी वारदात को अंजाम देने की धमकी को लेकर पश्चिम बंगाल के पूर्व वर्धमान जिला न्यायालय के एक सीनियर अधिवक्ता ने अररिया प्रधान जिला न्यायाधीश को पत्र लिखकर सूचित किया।जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के मोबाइल नंबर पर एक गुप्त मैसेज आया है, जिसमें आतंकियों के कुछ संगठन के द्वारा 10 सितम्बर 2026 या इससे पहले अररिया सिविल कोर्ट में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रचने की बात कही गई है।जिसको लेकर पूर्व पूर्व वर्धमान जिला न्यायालय के सीनियर अधिवक्ता ने अररिया प्रधान जिला न्यायाधीश को आगाह किया है।सीनियर अधिवक्ता द्वारा मैसेज दिए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एसपी को मामले की पूरी जानकारी दी।

आरक्षी अधीक्षक को मैसेज की जानकारी के बाद अररिया सिविल कोर्ट गुरुवार को पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम से प्रेषित ईमेल संदेश को लेकर सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक और अन्य पुलिस अधिकारियों और बलों के साथ कोर्ट परिसर का जायजा लिया और कोर्ट सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।पुलिस ने कोर्ट परिसर आने जाने वालों की सघन जांच शुरू कर दी।

मेल पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से वरीय अधिवक्ता के हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रेषित करने को लेकर था।प्रेषित किए गए इस पत्र में जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बताया गया कि उनकी पत्नी जिम्मी के मोबाईल नम्बर पर गुप्त जानकारी दी गई कि कुछ आतंकवादी संगठन 10 सितम्बर 2026 के पूर्व आतंकवादी हमले को अंजाम देने की फिराक में है और घटना को अंजाम दे सकते हैं ।

मेल भेजने वाले ने अपने को वरीय अधिवक्ता अधिवक्ता भी बताया। उक्त पत्र में साथ ही साथ यह भी बताया गया कि मेल को मुवक्किल के मोबाईल से पोस्ट किया जा रहा है।मेल में अंकित तिथि 27 अगस्त 2026 अंकित है।

बहरहाल मेल मिलने के बाद कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।मुख्य गेट पर प्रतिनियुक्त पुलिस बलों को हरेक आने जाने वालों का सघन चेकिंग कर प्रवेश करने देने का निर्देश दिया गया है।किसी भी तरह की संदिग्धता पर वरीय अधिकारियों को सूचित करने को निर्देशित किया गया है।

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