पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा ऐलान किया है। राज्य के शिक्षकों को AI से जुड़ी ट्रेनिंग देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे बदलते दौर की तकनीक को समझकर पढ़ाई में उसका बेहतर इस्तेमाल कर सकें।
“अब मुगल का नहीं, Google का जमाना है”
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने बदलते समय और तकनीक की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि “अब मुगल का नहीं, Google का जमाना है।”
इस बयान के जरिए उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों से जुड़ने का संदेश दिया।
AI से प्रशिक्षित होंगे बिहार के शिक्षक
सरकार की योजना के तहत शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करना और उन्हें कक्षा में तकनीक आधारित शिक्षण के लिए तैयार करना है।
AI की मदद से शिक्षक पाठ्य सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार सीखने की सामग्री विकसित करने और पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कार्य कर सकेंगे।
पढ़ाई को आसान और आधुनिक बनाने पर जोर
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ शिक्षा के पारंपरिक तरीकों में भी बदलाव आ रहा है। ऐसे में सरकार चाहती है कि बिहार के शिक्षक भी डिजिटल टूल्स और AI जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल सीखें।
इससे विद्यार्थियों को विषयों को समझने में नए तरीके और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।
शिक्षकों की ट्रेनिंग पर सरकार का फोकस
शिक्षकों को AI की ट्रेनिंग देने का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझाना भी है कि AI का इस्तेमाल शिक्षा के क्षेत्र में जिम्मेदारी और प्रभावी तरीके से कैसे किया जाए।
ट्रेनिंग के दौरान डिजिटल लर्निंग, AI आधारित टूल्स और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से संबंधित जानकारी दिए जाने की योजना है।
सरकारी स्कूलों में भी बढ़ेगा डिजिटल इस्तेमाल
बिहार के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ अब AI को भी शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
यदि यह पहल प्रभावी तरीके से लागू होती है तो शिक्षक विद्यार्थियों के लिए डिजिटल कंटेंट तैयार करने और पढ़ाई को अधिक इंटरैक्टिव बनाने में AI का उपयोग कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को भी मिलेगा फायदा
AI और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। शिक्षक कठिन विषयों को आसान उदाहरणों के साथ समझाने, अभ्यास सामग्री तैयार करने और विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराने में तकनीकी साधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
शिक्षा व्यवस्था को नई तकनीक से जोड़ने की तैयारी
सरकार का जोर अब शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने पर है। AI की ट्रेनिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आने वाले समय में शिक्षकों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी डिजिटल और AI आधारित शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया जा सकता है।







