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कला एवं संस्कृति मंत्री ने जिलों के सांस्कृतिक पदाधिकारियों एवं संग्रहालय अध्यक्षों के साथ की समीक्षा बैठक

पटना: बिहार सरकार की ओर से बुधवार को कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में बिहार के सभी जिलों के कला एवं सांस्कृति पदाधिकारियों एवं संग्रहालय अध्यक्षों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में माननीय मंत्री ने जिलों में संचालित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कलाकारों के प्रशिक्षण, संग्रहालयों के कार्यों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर गतिविधियों को और सक्रिय एवं व्यवस्थित किया जाए।

समीक्षा के दौरान आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्रों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। विभाग द्वारा राज्य के सभी 38 जिलों में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की योजना के तहत अब तक 36 जिलों में लगभग 3,000 बच्चों को नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्र एवं अन्य कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत अब तक 411 कलाकारों का चयन किया जा चुका है तथा पात्र कलाकारों को 3,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। बैठक में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बिहार के सभी 38 जिलों में सर्वेक्षण के दौरान अब तक 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों को चिह्नित किया जा चुका है।

मंत्री ने संग्रहालयों में उपलब्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, बेहतर प्रबंधन तथा आम लोगों के लिए उन्हें अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में सक्रिय सहयोग एवं सौंपे गए दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने वाले सभी जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों को मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मंत्री ने उनके समर्पण, सक्रिय सहभागिता एवं जिम्मेदारियों के कुशलतापूर्वक निर्वहन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विभागीय कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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