Homeराज्यबाढ़ का पानी घटने से नवगछिया में दिखने लगा तबाही का मंजर,...

बाढ़ का पानी घटने से नवगछिया में दिखने लगा तबाही का मंजर, जनजीवन को पटरी पर लाना बड़ी चुनौती

भागलपुर : नवगछिया अनुमंडल सहित पूरे भागलपुर जिले में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। जलस्तर घटने से प्रशासनिक अधिकारियों और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन पानी जैसे-जैसे पीछे खिसक रहा है, अपने पीछे तबाही की एक खौफनाक और विस्तृत तस्वीर छोड़ रहा है।

नवगछिया अनुमंडल के रंगरा, गोपालपुर, खरीक और बिहपुर प्रखंडों में बाढ़ से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। राघोपुर, बनिया वैसी, और गोपालपुर के ब्रह्मपुर जैसे क्षेत्रों में तीन प्रमुख बांध टूटने से सैकड़ों कच्चे मकान जमींदोज़ हो गए हैं।

पुरानी रेलवे लाइन का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। बाढ़ के तीव्र प्रवाह के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-80 पर कई दिनों से गाड़ियों का परिचालन बंद है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। ग्रामीण संपर्क सड़कें टूट चुकी हैं।्दियारा और मैदानी इलाकों में लगी हजारों हेक्टेयर में धान, मक्का और केले की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के कारण पशुओं का चारा बह गया है।

चापाकल और कुएं दूषित पानी में डूबने की वजह से प्रभावित गांवों में पीने के शुद्ध पानी की भारी किल्लत हो गई है। वर्तमान में गंगा और कोसी का जलस्तर करीब 1.5 से 2 फीट तक नीचे उतरा है, लेकिन अनुमंडल के 90 से अधिक पंचायतों के 370 से ज्यादा गांवों में अभी भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चलाए जा रहे हैं, जहां रोजाना लाखों लोगों को भोजन कराया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर क्षतिग्रस्त बांधों की मरम्मत के लिए सैंड बैग डाले जा रहे हैं। हालांकि, पानी घटने के साथ ही प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है, जिससे निपटने के लिए मेडिकल टीमों को अलर्ट किया गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments