डेस्क : बिहार के कॉलेजों में कर्मचारियों और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। राज्य के 235 कॉलेजों में बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होगा।
बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर वेतन पर नजर
शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षक और कर्मचारी निर्धारित व्यवस्था के तहत अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराएं। बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं होने की स्थिति में वेतन भुगतान पर रोक या अन्य विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा मैनुअल हाजिरी में होने वाली अनियमितताओं को कम करना है।
235 कॉलेजों से मांगी गई रिपोर्ट
विभाग ने संबंधित 235 कॉलेजों से बायोमेट्रिक उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी है। कॉलेज प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज हो और उसका रिकॉर्ड विभाग तक पहुंचाया जाए।
लापरवाही पर कॉलेज प्रशासन भी जिम्मेदार
बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने के साथ कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। विभागीय निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
उपस्थिति व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की कोशिश
शिक्षा विभाग का यह कदम कॉलेजों में समय पर उपस्थिति, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे अनुपस्थित रहने या फर्जी उपस्थिति जैसी शिकायतों पर निगरानी आसान होगी।







