पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, खेल, न्याय, जलापूर्ति, पर्यटन, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
16 मेडिकल कॉलेजों को PPP मॉडल पर चलाने की तैयारी
कैबिनेट ने राज्य के 16 चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल हैं, को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।
राजगीर में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना और संचालन को भी स्वीकृति मिली है। इस परियोजना पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जलापूर्ति योजनाओं को मिली मंजूरी
अमृत 2.0 के तहत जमालपुर जलापूर्ति योजना के लिए करीब 102.22 करोड़ रुपये और मुंगेर जलापूर्ति परियोजना के फेज-1 के लिए करीब 177.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला
पूर्णिया, भागलपुर और गया में NDPS एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों हेतु 27 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। वहीं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालयों के गठन के साथ 171 पदों*ल के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।
बाल एवं संरक्षण गृहों की सुरक्षा बढ़ेगी
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न बाल एवं संरक्षण गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए करीब 14.53 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च को मंजूरी दी गई है।
‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के लिए 6.12 करोड़
बिहार में हर घर तिरंगा अभियान-2026 के आयोजन के लिए करीब 6.12 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। अभियान के माध्यम से लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में भी फैसले
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के तहत हेलिकॉप्टर सेवा लेने की मंजूरी दी है। इसके लिए निर्धारित अवधि में अधिकतम 3.30 करोड़ रुपये के प्रशासनिक एवं अन्य व्यय की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा पुरातत्व निदेशालय में 12 तकनीकी पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियुक्ति और ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण एवं मेटाडेटा निर्माण के लिए करीब 6.23 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट के अन्य फैसलों में बिहार आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली-2026 को मंजूरी, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में नए पदों का सृजन, नवादा में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) के लिए भूमि हस्तांतरण और पूर्वी चंपारण में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
सरकार का फोकस विकास और जनसुविधाओं पर
कैबिनेट के इन फैसलों से स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय, पेयजल, खेल, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नई योजनाओं और सुविधाओं को गति मिलने की उम्मीद है। सरकार ने विभिन्न विभागों के माध्यम से आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है।







