पटना : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने जनप्रतिनिधियों को संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। पार्टी की इस ‘पाठशाला’ में विधायकों और विधान पार्षदों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत निशांत कुमार की मौजूदगी में हुई। इस दौरान पार्टी के जनप्रतिनिधियों को संगठन की कार्यप्रणाली, जनसंपर्क और राजनीतिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच रखने से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
नीतीश कुमार के संदेश पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के संदेश और राजनीतिक दृष्टिकोण को जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। पार्टी का प्रयास है कि विधायक और एमएलसी सरकार की योजनाओं तथा पार्टी की नीतियों को आम लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाएं।
विधायकों और एमएलसी के लिए विशेष प्रशिक्षण
जदयू की इस पहल के तहत जनप्रतिनिधियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही जा रही है। इनमें संगठन को मजबूत करना, जनता से संवाद, सरकार की योजनाओं की जानकारी और राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखना शामिल है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका के लिए तैयार करना बताया गया है।
निशांत कुमार की सक्रियता पर भी नजर
निशांत कुमार की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के दिनों में जदयू की गतिविधियों में उनकी सक्रियता को लेकर चर्चा बढ़ी है। हालांकि, पार्टी के संगठन में उनकी औपचारिक भूमिका और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं भी सामने आती रही हैं।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद
जदयू की ‘पाठशाला’ को पार्टी के जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर प्रशिक्षण देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसके जरिए विधायकों और एमएलसी को संगठन के साथ बेहतर तालमेल बनाने तथा अपने क्षेत्रों में जनता से लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।







