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बिहार के 534 प्रखंडों में तैयार होगा बच्चों की पढ़ने की क्षमता का ORF ऑडियो डाटासेट

भागलपुर के 17 प्रखंडों से चुने गए विद्यालय, हिंदी-अंग्रेजी के साथ स्थानीय बोलियों के उच्चारण का भी होगा अध्ययन

भागलपुर : प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में भाषा पर पकड़ और पठन प्रवाह को वैज्ञानिक तरीके से समझने के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। बिहार के सभी 534 प्रखंडों के एक-एक विद्यालय से बच्चों की मौखिक पठन क्षमता का विशेष ‘ओरल रीडिंग फ्लुएंसी’ (ORF) ऑडियो डाटासेट तैयार किया जाएगा। इसके तहत बच्चों के पढ़ने की गति, उच्चारण, शब्द पहचान और भाषाई पृष्ठभूमि के प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद भागलपुर जिले में नगर निगम क्षेत्र सहित सभी 17 प्रखंडों के चयनित विद्यालयों की सूची तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेज दी गई है।

बच्चों के पठन कौशल का वैज्ञानिक अध्ययन

ORF ऑडियो डाटासेट का उद्देश्य बच्चों के पठन कौशल को बेहतर तरीके से समझना है। इसके जरिए यह देखा जाएगा कि बच्चे हिंदी और अंग्रेजी के वाक्यों को पढ़ते समय किन शब्दों, वर्णों या ध्वनियों के उच्चारण में परेशानी महसूस करते हैं। साथ ही उनकी स्थानीय भाषाई पृष्ठभूमि का पढ़ने के तरीके पर पड़ने वाले प्रभाव का भी अध्ययन किया जाएगा।

इस डाटा के विश्लेषण से बच्चों की पठन संबंधी कठिनाइयों को चिन्हित करने में मदद मिल सकती है। इससे शिक्षकों को बच्चों की जरूरत के अनुसार पठन अभ्यास कराने में भी सहायता मिलेगी।

अंगिका, मैथिली और भोजपुरी समेत स्थानीय बोलियों पर ध्यान

बिहार में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग भाषाओं और बोलियों का प्रभाव देखने को मिलता है। भागलपुर और आसपास के अंग क्षेत्र में अंगिका का व्यापक इस्तेमाल होता है। वहीं मिथिलांचल में मैथिली, मगध में मगही, भोजपुर क्षेत्र में भोजपुरी और तिरहुत क्षेत्र में बज्जिका जैसी भाषाई विविधता देखने को मिलती है।

ORF डाटासेट तैयार करते समय बच्चों की स्थानीय भाषाई पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखा जाएगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि स्थानीय बोली का प्रभाव बच्चों के हिंदी और अंग्रेजी के उच्चारण पर किस तरह पड़ता है।

पठन संबंधी कमजोरियों की पहचान में मिलेगी मदद

शिक्षा विभाग के अनुसार, ऑडियो डाटासेट के विश्लेषण से बच्चों की पठन संबंधी मूल कठिनाइयों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। किसी विशेष वर्ण या ध्वनि के उच्चारण में परेशानी सामने आने पर उसे बच्चे की भाषाई पृष्ठभूमि से जोड़कर समझा जा सकेगा।

भविष्य में इसी तरह के डाटा के आधार पर क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप पठन अभ्यास सामग्री, शिक्षण सामग्री और शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जा सकते हैं।

भागलपुर के इन 17 विद्यालयों का हुआ चयन

ORF ऑडियो डाटासेट तैयार करने के लिए भागलपुर जिले से 17 विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें आरएमएस मड़वा, मध्य विद्यालय तिरासी, मध्य विद्यालय गोवर्धनपुर, मध्य विद्यालय जय मंगलदास टोला, मध्य विद्यालय दिननगर जगदीशपुर, मध्य विद्यालय महेषामुंडा, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय तेलघी, मध्य विद्यालय मोहारुद्दीननगर, मध्य विद्यालय चकरामी, मध्य विद्यालय तेतरहार, मध्य विद्यालय सिमरा, मध्य विद्यालय पीरपैंती बाजार, मध्य विद्यालय रंगरा, मध्य विद्यालय सरधो, मध्य विद्यालय रमसी, प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर दक्षिण टोला और मध्य विद्यालय मरहट्टी शामिल हैं।

क्षेत्रीय भाषाई पृष्ठभूमि के अनुसार तैयार हो सकती है शिक्षण सामग्री

इस पहल से प्राप्त डाटा के आधार पर बच्चों की पठन क्षमता को केवल पढ़ने की गति से नहीं, बल्कि उच्चारण और समझ के साथ पढ़ने की क्षमता के आधार पर भी समझने में मदद मिल सकती है। क्षेत्रीय भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए भविष्य में शिक्षण सामग्री और प्रशिक्षण की रणनीति तैयार करने में भी इस डाटासेट का उपयोग किया जा सकता है।

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