डेस्क : प्रयागराज की रहने वाली अनन्या सिंह ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई। खास बात यह रही कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया।
पढ़ाई में शुरू से रही हैं मेधावी
अनन्या सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। पढ़ाई के दौरान भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 10वीं में 96 प्रतिशत और 12वीं में 98.25 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की।
पहले प्रयास में हासिल की AIR 51
ग्रेजुएशन के दौरान ही अनन्या ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने नियमित पढ़ाई और सेल्फ-स्टडी को अपनी तैयारी का आधार बनाया।
साल 2019 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। उस समय उनकी उम्र करीब 22 वर्ष थी। सबसे खास बात यह थी कि यह उनका पहला प्रयास था और उन्होंने बिना किसी कोचिंग के परीक्षा में सफलता हासिल की।
कोचिंग की जगह सेल्फ-स्टडी पर भरोसा
अनन्या की सफलता की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए खास है जो महंगी कोचिंग को UPSC तैयारी का अनिवार्य हिस्सा मानते हैं। उन्होंने किताबों, नियमित अध्ययन और खुद की तैयारी पर भरोसा किया।
उनकी तैयारी में निरंतरता को महत्वपूर्ण माना जाता है। रिपोर्टों में उनके रोजाना करीब आठ घंटे पढ़ाई करने का भी उल्लेख मिलता है।
परिवार की पहचान से अलग बनाई अपनी पहचान
अनन्या की कहानी का एक पहलू यह भी है कि उनके परिवार का संबंध प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र से बताया जाता है। इसके बावजूद UPSC में अपनी रैंक हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी मेहनत और तैयारी के दम पर अलग पहचान बनाई।
उनकी सफलता यह बताती है कि UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षा में मजबूत बुनियादी तैयारी, अनुशासन और लगातार पढ़ाई की अहम भूमिका होती है।







