पटना : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग उठी है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने केंद्र सरकार से यह मांग करने के साथ ही पटना में उनकी प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर एक संग्रहालय बनाने की भी अपील की है।
पटना में प्रतिमा और संग्रहालय बनाने की मांग
बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय और जनसेवा से जुड़ा रहा। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृति और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए पटना में किसी प्रमुख स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही उनके जीवन, संघर्ष, विचारों और सामाजिक योगदान को प्रदर्शित करने के लिए भोला पासवान शास्त्री के नाम पर संग्रहालय बनाने की मांग भी की गई है।
तीन बार रहे बिहार के मुख्यमंत्री
भोला पासवान शास्त्री बिहार के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में शामिल रहे और तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनके राजनीतिक जीवन और सादगी को लेकर आज भी चर्चा होती है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार वे बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्रियों में प्रमुख स्थान रखते हैं।
पहले भी विधानसभा में उठ चुकी है भारत रत्न की मांग
भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग नई नहीं है। 27 मार्च 2018 को बिहार विधानसभा में भी केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की सिफारिश करने संबंधी संकल्प पेश किया गया था। हालांकि सरकार की ओर से उस समय बताया गया था कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिसके बाद प्रस्ताव वापस ले लिया गया।
आंदोलन जारी रखने की बात
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने कहा है कि भोला पासवान शास्त्री के सम्मान और उनकी विरासत को संरक्षित करने से जुड़ी मांगों को लेकर अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा। विभाग का कहना है कि नई पीढ़ी को उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान से परिचित कराना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।







