भागलपुर : विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। सेतु को 30 सितंबर की रात से यातायात के लिए बंद करने की योजना है। इसके बाद 1 अक्टूबर से सेतु पर बने बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू किया जाएगा। पुनर्स्थापन का यह कार्य करीब तीन महीने तक चलने की संभावना है।
सेतु बंद रहने के दौरान लोगों और वाहनों के आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी सिलसिले में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने रविवार देर शाम अजगैवीनाथ धाम में अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी के अलावा पुल निर्माण निगम, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ सेतु बंद रहने की अवधि में यात्रियों और वाहनों के लिए वैकल्पिक आवागमन के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नाव और क्रूज समेत अन्य जलयानों के संचालन की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वैकल्पिक व्यवस्था ऐसी हो, जिससे सेतु बंद रहने के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
गंगा के जलस्तर और बहाव का होगा सर्वे
वैकल्पिक जलमार्ग की संभावनाओं को लेकर सोमवार को जिला प्रशासन, पुल निर्माण निगम, जल संसाधन विभाग समेत संबंधित विभागों की संयुक्त टीम सेतु और आसपास के इलाकों का सर्वे करेगी।
इस दौरान जल संसाधन विभाग की टीम गंगा के जलस्तर, बहाव की गति और नदी की मौजूदा स्थिति का आकलन करेगी। इसके साथ ही वैकल्पिक जलमार्ग के लिए उपलब्ध स्थान और यात्रियों की आवाजाही से जुड़ी जरूरी सुविधाओं का भी जायजा लिया जाएगा।
सर्वे पूरा होने के बाद सभी संबंधित विभागों की संयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट को पथ निर्माण विभाग के सचिव को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सेतु बंद रहने के दौरान वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एसपी सिंगला एजेंसी करेगी पुनर्स्थापन का काम
विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन की जिम्मेदारी समानांतर फोरलेन सेतु का निर्माण कर रही एसपी सिंगला एजेंसी को दी गई है। एजेंसी की ओर से काम शुरू करने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
अब प्रशासन का मुख्य फोकस सेतु बंद रहने की अवधि में यात्रियों और वाहनों के लिए सुचारू वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है। संयुक्त सर्वे और रिपोर्ट के बाद इस व्यवस्था को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।







