पटना : बिहार से ताल्लुक रखने वाले बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा ने अपने लंबे फिल्मी करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें फिल्म ‘भक्षक’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में उन्हें पुरस्कार प्रदान किया।
करीब तीन दशक के करियर में पहली बार मिला राष्ट्रीय सम्मान
संजय मिश्रा का फिल्मी सफर करीब तीन दशक लंबा रहा है। इस दौरान उन्होंने कॉमेडी से लेकर गंभीर और संवेदनशील किरदारों तक कई अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं। ‘भक्षक’ में उन्होंने भास्कर सिन्हा का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिला। यह उनके करियर का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है।
‘भक्षक’ में निभाया था अहम किरदार
फिल्म ‘भक्षक’ सामाजिक मुद्दे पर आधारित कहानी है। इसमें संजय मिश्रा का किरदार कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनके अभिनय को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की जूरी ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता की श्रेणी में चुना। आधिकारिक विजेता सूची में भी ‘भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा का नाम दर्ज है।
बिहार से जुड़े चार नामों को राष्ट्रीय सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बिहार से जुड़े चार नाम चर्चा में रहे। संजय मिश्रा को ‘भक्षक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। वहीं कमलेश कुमार मिश्रा और मीनती मिश्रा को ‘काकोरी’ के लिए सम्मान मिला, जबकि संजय श्रीवास्तव को हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार मिला।
पहली बार दिल्ली से बाहर हुआ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
इस वर्ष राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन पारंपरिक दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 सितंबर 2026 को विजेताओं को सम्मानित किया। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किए गए।
संजय मिश्रा के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय तक अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है।







