पटना : बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। इस मामले के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
इसी मामले को लेकर जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जमुई की घटना के साथ बिहार में सामने आई अन्य आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर अपनी आलोचना रखी।
सरकार पर प्रशांत किशोर का हमला
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीट की छात्रा से जुड़ी घटना, बेगूसराय की घटना और जमुई कांड जैसी घटनाएं बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का दावा बिहार को अपराध मुक्त बनाने का है, लेकिन जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद घटना की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंची। उन्होंने वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना का वीडियो सामने नहीं आता तो मामले की जानकारी कैसे होती।
जमुई मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। पुलिस के अनुसार, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही थी।
मैथिली ठाकुर पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मैथिली ठाकुर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो रही हैं, जबकि उनके विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं मौजूद हैं।
उन्होंने मैथिली ठाकुर के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें रात के समय बिहार में अकेले घूमने की बात कही गई थी। प्रशांत किशोर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की सुरक्षा की परिस्थितियों को एक समान नजरिए से देखा जाना चाहिए।
शराब और बालू माफिया का भी उठाया मुद्दा
प्रशांत किशोर ने बिहार में शराब और बालू के अवैध कारोबार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी
जमुई मामले में पुलिस के अनुसार अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। अधिकारियों के मुताबिक, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
वहीं, नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर न हो, इसके लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो और पहचान संबंधी सामग्री साझा नहीं करने की अपील की है।







