पटना : जद(यू) प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी, मदन सहनी और डॉ. श्वेता गुप्ता ने विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएँ सुनीं। मंत्रियों ने प्राप्त आवेदनों और शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी और जद(यू) प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी अंजुम आरा भी मौजूद रहीं।
मीडिया से बातचीत में डॉ. अशोक चौधरी ने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं को लेकर सरकार की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जमुई की घटना में 24 घंटे के भीतर और समस्तीपुर की घटना में 12 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम हुआ और वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार उसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर संवेदनशील है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
वहीं, मंत्री मदन सहनी ने शराब तस्करी के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शराब कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं और तस्करी में शामिल लोगों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सोच और उद्देश्य के तहत बिहार में लागू शराबबंदी का सकारात्मक प्रभाव समाज में देखने को मिल रहा है। मदन सहनी ने एक सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि 93 प्रतिशत लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं। उनके अनुसार, इसका लाभ खास तौर पर महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब व मजदूर परिवारों को मिला है।
मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है और महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।







