पटना : 1799 पदों पर होने वाली बिहार पुलिस दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। परीक्षा रद्द होने से नाराज पीटी परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का धरना-प्रदर्शन जारी है और इसी दौरान उन्होंने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक मेहनत और तैयारी करने के बाद प्रारंभिक परीक्षा पास की थी। मुख्य परीक्षा की तैयारी भी पूरी कर ली थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनके सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। अभ्यर्थी अब परीक्षा रद्द करने के पीछे ठोस कारण सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा रद्द करने के लिए सिर्फ ‘अपरिहार्य कारण’ बताना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसी क्या वजह थी, जिसके कारण मुख्य परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि करीब 10 हजार बच्चों की बात सुनने के लिए मुख्यमंत्री को कम से कम 10 मिनट का समय देना चाहिए। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे अपनी मांग लेकर मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने का प्रयास करेंगे और किसी भी तरह की बैरिकेडिंग या पुलिस बल उन्हें रोक नहीं पाएगा।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग परीक्षा रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी होने से अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
गर्दनीबाग में प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा रद्द करने के ठोस कारण और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।







