पटना/नई दिल्ली : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के सहयोग से प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं के साथ मारपीट की गई। इस मुद्दे पर तेजस्वी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से भी सवाल किया है।
तेजस्वी यादव ने RSS पर क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर RSS पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वे आज पुलिस के सहयोग से सरेआम उनकी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं। उन्होंने संघ के लोगों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए पूछा कि इस घटना पर मोहन भागवत क्या कहेंगे।
तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
केंद्र सरकार पर लगाया अघोषित आपातकाल का आरोप
राजद नेता ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा की जा रही है और लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि लोकतंत्र और संविधान को लेकर उठ रहे इन मुद्दों पर सरकार को किन शक्तियों का समर्थन हासिल है। हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव के बयान पर आधारित हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर विवाद
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को सरकारी मशीनरी और पुलिस बल के जरिए रोका जा रहा है।
तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वे हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गोली और गाली से उनका संघर्ष नहीं रुकेगा।
जेपी जयंती पर भी केंद्र सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की कथित अलोकतांत्रिक नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता का उल्लेख करते हुए जयप्रकाश नारायण के संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की चर्चा की।
क्या है पूरे मामले का राजनीतिक संदेश?
तेजस्वी यादव के बयान से स्पष्ट है कि राजद इस मुद्दे को लोकतंत्र, संविधान और प्रदर्शन के अधिकार से जोड़कर उठा रहा है। वहीं, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई और उसमें RSS की कथित भूमिका को लेकर तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब उपलब्ध होने पर मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।







