पटना : बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र और युवा संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राजभवन मार्च करने और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की बात कही।
मतदाता सूची में अनियमितताओं का लगाया आरोप
प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान कई मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संगठनों ने इन कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
भाकपा-माले विधायक संदीप सौरभ ने भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
राजभवन मार्च को लेकर पुलिस अलर्ट
प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। गांधी मैदान के आसपास प्रदर्शनकारी जुटे और राजभवन की ओर मार्च निकालने की तैयारी की गई। जिला प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग में निर्धारित स्थल पर अनुमति की बात कही थी। इसके बावजूद संगठनों ने मार्च निकालने का कार्यक्रम घोषित किया था।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। पटना में AISA-RYA के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR को लेकर विपक्षी दलों तथा विभिन्न संगठनों का विरोध लगातार चर्चा में है। प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
छात्र संगठनों का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने के लिए कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित आरोपों का निष्पक्ष आकलन महत्वपूर्ण है।
पटना में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।







