भागलपुर : बिहार के भागलपुर जिले में अवैध आरा मिलों के संचालन पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुल्तानगंज वन परिसर के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से संचालित आरा मिलों का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान आरा मिलों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, ट्रॉली, बैंड सॉ, आरी ब्लेड और शीशम व महोगनी जैसी कीमती लकड़ियां जब्त की गईं।
धांधी बेलारी और नया गांव में छापेमारी
जानकारी के अनुसार, वन प्रमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर वन क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम के नेतृत्व में टीम ने बाथ थाना पुलिस के सहयोग से सुल्तानगंज क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान धांधी बेलारी और शाहकुंड-असरगंज रोड स्थित नया गांव में अवैध रूप से चल रही आरा मिलों पर कार्रवाई की गई। मौके से लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के साथ लकड़ी का बुरादा भी बरामद किया गया।
वन कानून के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने अवैध आरा मिलों के संचालन में संलिप्त लोगों के खिलाफ बिहार काष्ठ चिरान अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जब्त मशीनों और लकड़ियों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अवैध आरा मिल संचालकों को चेतावनी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भागलपुर जिले में अवैध आरा मिलों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के आरा मिल चलाने वालों को तत्काल संचालन बंद करने की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार, निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग का अभियान जारी
इस कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारियों और वनरक्षियों के साथ स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग किया। विभाग का कहना है कि अवैध आरा मिलों पर नियंत्रण और लकड़ी के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।







