पटना : बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में एम्स पटना, आईजीआईएमएस, पीएमसीएच और एनएमसीएच के प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने, गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
अस्पतालों में बेड, ICU और जरूरी दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा
डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अस्पतालों में बेड, गहन चिकित्सा इकाई (ICU), इमरजेंसी वार्ड, पैथोलॉजी, MRI, CT स्कैन, अल्ट्रासाउंड और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। साथ ही, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और राज्य सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क या रियायती दर पर इलाज मिल सके।
बैठक में गंभीर मरीजों की जांच और उपचार में तेजी लाने, सर्जरी के लिए प्रतीक्षा अवधि कम करने तथा हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श हुआ। एम्बुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत पर भी चर्चा की गई।
विधायकों और विधानसभा कर्मचारियों को मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा
बैठक में विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। गंभीर मरीजों के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों में नोडल पदाधिकारियों की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
अस्पताल प्रमुखों ने जानकारी दी कि उनके संस्थानों में नोडल पदाधिकारी नामित कर दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों का विवरण बिहार विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अलावा, विधानसभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को इलाज के दौरान प्राथमिकता देने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान में होने वाली देरी दूर करने पर भी चर्चा हुई।
गया में IGIMS का सैटेलाइट सेंटर खोलने का प्रस्ताव
बैठक में IGIMS पटना के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार ने गया जी में संस्थान का सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे मगध और शाहाबाद प्रमंडल के साथ-साथ झारखंड के निकटवर्ती जिलों के लोगों को सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता भी कम होगी।
इस प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आश्वासन दिया कि वे गया जी में IGIMS का सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत करेंगे।
नए भवन में PMCH की ICU क्षमता बढ़कर 60 बेड होगी
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) की ओर से बताया गया कि नवनिर्मित भवन में स्थानांतरण के बाद आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं के तहत मेडिसिन और सर्जरी की गहन चिकित्सा इकाइयों में बेड की संख्या बढ़ाकर 60 कर दी जाएगी। इससे गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी और ICU सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
AIIMS में भी उपलब्ध होंगी महंगी दवाएं? स्वास्थ्य विभाग से करेंगे बात
एम्स पटना के निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल ने संस्थान में एंटी स्नेक वेनम सहित कुछ महंगी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने इन दवाओं को एम्स में भी उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया, जो राज्य के अन्य चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर इस दिशा में आवश्यक पहल करेंगे।
बैठक में बिहार विधानसभा सचिवालय के प्रभारी सचिव संजय कुमार सिंह, एम्स पटना के निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल, IGIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह, NMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन सिन्हा सहित संबंधित संस्थानों और विधानसभा सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







