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बिहार में 5 बड़ी सड़क परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी, 16 हजार करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च; कई सड़कें बनेंगी फोरलेन

पटना : बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में पांच बड़ी सड़क परियोजनाओं को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इन परियोजनाओं के तहत राज्य की कई प्रमुख सड़कों को फोरलेन बनाने और मौजूदा सड़क नेटवर्क का चौड़ीकरण करने की योजना है। इससे अलग-अलग जिलों के बीच आवागमन आसान होने, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और माल ढुलाई में सुविधा होने की उम्मीद है।

इन परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। प्रस्तावित सड़कों में मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़, अरवल-बिहारशरीफ, नौबतपुर-हरिहरगंज, बरियापुर-बिशुनपुर-जमुई और छपवा-बेतिया सड़क शामिल हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं की मंजूरी, लागत और निर्माण की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

बिहार में कहां-कहां बनेंगी फोरलेन सड़कें?

प्रस्तावित योजना में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाली पांच प्रमुख सड़क परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इनके निर्माण और चौड़ीकरण से कई इलाकों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

इन सड़कों के बेहतर होने से यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ ही व्यापारियों और मालवाहक वाहनों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क पर 8,500 करोड़ खर्च होने का अनुमान

पांच परियोजनाओं में मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क प्रमुख है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर लगभग 8,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इस सड़क के विकसित होने से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत हो सकता है। साथ ही, अयोध्या और जनकपुर जैसे धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलने की संभावना है।

अरवल-बिहारशरीफ के बीच 89 किलोमीटर सड़क होगी फोरलेन

अरवल से बिहारशरीफ के बीच करीब 89 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की योजना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,300 करोड़ रुपये बताई गई है।

सड़क चौड़ी होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बेहतर हो सकती है। आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नौबतपुर-हरिहरगंज सड़क पर 2,500 करोड़ का प्रस्ताव

नौबतपुर से हरिहरगंज तक करीब 88 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को भी योजना में शामिल किए जाने की जानकारी है। इस पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है।

परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। इससे यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी सुविधा मिलने की संभावना है।

बरियापुर-बिशुनपुर-जमुई सड़क का होगा चौड़ीकरण

बरियापुर से बिशुनपुर होते हुए जमुई तक सड़क चौड़ीकरण की योजना भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और विभिन्न इलाकों के बीच आवागमन को आसान बनाना है।

हालांकि, इस परियोजना की लंबाई, अनुमानित लागत और निर्माण की समयसीमा का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

छपवा-बेतिया सड़क पर 1,700 करोड़ खर्च होने का अनुमान

छपवा से बेतिया के बीच करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की योजना है। इस परियोजना पर लगभग 1,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है।

सड़क के चौड़ा होने से बेतिया और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होने की उम्मीद है।

बिहार के सड़क नेटवर्क को मिलेगी मजबूती

इन पांच परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल किए जाने की जानकारी है। इनके पूरा होने पर बिहार के कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। फोरलेन सड़कों से वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने, यात्रा के समय में संभावित कमी लाने और माल ढुलाई को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलती है।

हालांकि, परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति, स्वीकृत बजट, टेंडर और निर्माण की समयसीमा स्पष्ट होने के बाद ही इनके क्रियान्वयन की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

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