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गोलू हत्याकांड में SSP को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, 8 सप्ताह में मांगा जवाब, पुलिस जांच पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर : औराई थाना क्षेत्र में हुए प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू हत्याकांड का मामला अब बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। इस मामले में आयोग ने मुजफ्फरपुर के एसएसपी को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने यह कार्रवाई की है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई को लेकर एसएसपी को आयोग के सामने अपना पक्ष रखना होगा।

दरअसल, औराई थाना क्षेत्र के सुन्दर खौली निवासी विपिन कुमार ठाकुर के पुत्र प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू की बीते 7 अगस्त को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में औराई थाना में कांड संख्या 269/26 दर्ज कराया गया था। घटना के बाद से ही मृतक के परिजन पुलिस की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं।

परिजनों का आरोप है कि गोलू की हत्या साजिश के तहत की गई है और इस मामले में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रही है। परिवार का दावा है कि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया गया। साथ ही, घटना से जुड़े तथ्यों को इस तरह पेश करने की कोशिश की गई, जिससे हत्या का मामला हादसा प्रतीत हो।

मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराई गई थी शिकायत

पुलिस की जांच से असंतुष्ट मृतक के पिता ने मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना की वास्तविकता सामने लाने की मांग की गई थी।

परिजनों ने अपनी शिकायत में अब तक की पुलिस जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि मामले में अहम साक्ष्यों की अनदेखी की गई है और आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

SSP को आठ सप्ताह में देना होगा जवाब

मामले की सुनवाई के बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरपुर एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने आठ सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में पुलिस की जांच और अब तक हुई कार्रवाई पर आयोग की नजर रहेगी।

मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आयोग के हस्तक्षेप से मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया को गति मिल सकती है। इससे घटना की वास्तविकता सामने लाने में भी मदद मिलेगी।

4 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

इस मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित की गई है। अब सबकी नजर एसएसपी की ओर से दिए जाने वाले जवाब और आगे की जांच पर टिकी है। गोलू के परिजन लंबे समय से न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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