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बिहार MLC विवाद: दो निर्दलीय सदस्यों के भाजपा में शामिल होने पर जन सुराज का हमला, सदस्यता रद्द कराने के लिए जाएगा कोर्ट

पटना : बिहार विधान परिषद के हालिया शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय निर्वाचित राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने वाले बंशीधर बृजवासी के भाजपा में शामिल होने को लेकर जन सुराज ने कड़ी आपत्ति जताई है। रविवार, 1 नवंबर को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने दोनों नेताओं की सदस्यता को असंवैधानिक बताते हुए इसे मतदाताओं के जनादेश की चोरी करार दिया।

कुमार सौरभ ने कहा कि 27 अक्टूबर को बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक सीटों के चुनाव परिणाम सामने आए थे। परिणामों में भाजपा को दो, निर्दलीय उम्मीदवारों को दो, राजद को दो, जदयू को एक और जन सुराज को एक सीट मिली थी। लेकिन परिणाम घोषित होने के महज 72 घंटे के भीतर दोनों निर्दलीय विजयी प्रत्याशियों को भाजपा की सदस्यता दिला दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धनबल, सत्ताबल और प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावी जनादेश को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।

निर्दलीय MLC के दल में शामिल होने पर सदस्यता जाने का दावा

कुमार सौरभ ने संविधान की दसवीं अनुसूची और अनुच्छेद 102(2) एवं 191(2) का हवाला देते हुए कहा कि निर्दलीय निर्वाचित जनप्रतिनिधि यदि चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करते हैं, तो उनकी विधायिका की सदस्यता समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी कई मामलों में निर्णय दिए जा चुके हैं।

उन्होंने दावा किया कि राहुल राज और बंशीधर बृजवासी ने सार्वजनिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की बात स्वीकार की है। ऐसे में इस पूरे मामले की संवैधानिक और कानूनी जांच होनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के फेसबुक पोस्ट पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान कुमार सौरभ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्यापित फेसबुक अकाउंट से दोनों नवनिर्वाचित MLC के पार्टी में शामिल होने की जानकारी साझा की गई थी। बाद में जब जन सुराज ने इस मुद्दे को उठाया तो पोस्ट को एडिट कर दिया गया।

कुमार सौरभ ने सदस्यता से संबंधित तस्वीर और वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि बंशीधर बृजवासी को भाजपा की सदस्यता स्लिप संख्या 01955 भी दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता नहीं ली थी, तो पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस संबंध में पोस्ट क्यों किया गया? उन्होंने इस मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से बिहार के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से माफी मांगने की मांग की।

सभापति को सौंपेंगे याचिका, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट जाएंगे

जन सुराज के लीगल सेल से जुड़े नेता कुमार अमित ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 191 के तहत निर्दलीय निर्वाचित सदस्यों के किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का मामला गंभीर संवैधानिक सवाल खड़ा करता है। उन्होंने बताया कि जन सुराज इस पूरे प्रकरण को लेकर बिहार विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका दायर करेगा।

पार्टी की मांग होगी कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित दोनों MLC की सदस्यता रद्द की जाए। कुमार अमित ने कहा कि यदि इस मामले में उचित निर्णय नहीं लिया जाता है, तो पार्टी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

कुमार सौरभ ने भी कहा कि जन सुराज इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के जनादेश की रक्षा के लिए हर संवैधानिक विकल्प अपनाएगी।

प्रेस वार्ता में जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, लीगल सेल के कुमार अमित, मुकेश चौधरी और पार्टी के प्रधान महासचिव सुभाष कुशवाहा सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

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