पश्चिम बर्दवान, 09 अगस्त : आसनसोल जिला अस्पताल में रविवार को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऑन्कोलॉजी ओपीडी का उद्घाटन किया गया। राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने फीता काटकर नए ऑन्कोलॉजी विभाग के ओपीडी का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के अधीक्षक, सीएम शेख मोहम्मद यूनुस, सहायक अधीक्षक, चिकित्सक, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नौ अगस्त को अभया की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर उसे श्रद्धांजलि दी गई। अस्पताल परिसर में मौजूद चिकित्सकों, नर्सों और कर्मचारियों ने अभया को याद करते हुए उसके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
इस अवसर पर मंत्री अग्निमित्रा पाल अभया को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उस रात को वह कभी नहीं भूल सकतीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल का वह कॉरिडोर, वहां पड़ी एक बेटी का शव, मां की चीख और पिता की आंखों में दिखाई देती बेबसी आज भी उनके मन में ताजा है।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि उस दिन मैं भी रोई थी। चुपचाप नहीं, बल्कि भीतर से टूटकर रोई थी। उस लड़की के चेहरे में मैंने खुद को देखा था, अपनी बहन को देखा था और उन हजारों बेटियों का भविष्य देखा था, जिनके सामने एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का सवाल खड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि उस घटना के बाद उन्होंने खुद से यह संकल्प लिया था कि अभया के लिए न्याय की लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उस दिन वहां कौन-कौन था, किसने क्या देखा, किसे क्या जानकारी थी और कौन चुप रहा—इन सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए।
मंत्री ने कहा कि यदि किसी ने सच्चाई छिपाने, सबूत मिटाने या जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है, तो ऐसे लोगों की भूमिका भी कानून और जांच के दायरे में सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह समाज की हर बेटी की सुरक्षा और अधिकार से जुड़ा सवाल है।
अग्निमित्रा पाल ने भावुक होकर कहा कि अभया सिर्फ एक नाम नहीं है। अभया हमारे घर की बेटी है, हमारी बहन है, हमारी संतान है। इसलिए आज भी मैं यही कहती हूं—उस रात को मैं भूलूंगी कैसे?
वहीं, ऑन्कोलॉजी ओपीडी के शुरू होने से आसनसोल जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। जिला अस्पताल में पहले से ही विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं और चिकित्सा प्रशिक्षण की सुविधाएं संचालित हैं।
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सों और कर्मचारियों ने अभया की स्मृति में मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और बेहतर स्वास्थ्य सेवा तथा मरीजों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
