शिवसागर (असम), 09 अगस्त : ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित जिलों में रविवार से बाढ़ से हुए नुकसान का घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू किया गया। शिवसागर के आमगुड़ी में मंत्री केशव महंत ने बाढ़ प्रभावित लोगों के नुकसान के आकलन की शुरुआत की।
मंत्री महंत ने आमगुड़ी बागान में घर-घर जाकर सर्वेक्षण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। प्रशिक्षित शिक्षक डिजिटल एप के माध्यम से बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दर्ज कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 15 दिनों के भीतर सही और विस्तृत सर्वेक्षण पूरा करना है तथा पूरी सर्वेक्षण प्रक्रिया 30 अगस्त तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद दर्ज किए गए आंकड़ों की जांच और सत्यापन किया जाएगा। इसके आधार पर पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और क्षतिपूर्ति के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार की योजना के अनुसार बाढ़ प्रभावित लोगों को 15 सितंबर तक मुआवजा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को सर्वेक्षण के दौरान अपनी पहचान, निवास तथा बाढ़ से हुए नुकसान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करानी होगी। सर्वेक्षण टीम परिवार, मकान, संपत्ति और बाढ़ के कारण हुए नुकसान से संबंधित विवरण दर्ज करेगी।
डिजिटल एप के माध्यम से एकत्रित जानकारी का बाद में सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के आधार पर पात्र लाभार्थियों को सरकार द्वारा सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

