जामनगर, 08 : आगामी 12 अगस्त 2026, बुधवार को आकाश में वर्ष की प्रमुख खगोलीय घटनाओं में शामिल पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई देगा। यह पूर्ण सूर्यग्रहण भारत में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देगा, जबकि ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों सहित कई क्षेत्रों में इसका पूर्ण चरण देखा जा सकेगा।
इस खगोलीय घटना को लेकर देशभर के खगोल प्रेमियों में उत्सुकता है। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के सामने आकर उसके प्रकाशमंडल को पूरी तरह ढक देगा। अधिकतम पूर्णता का समय करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक रहने की जानकारी दी गई है।
भारत में यह घटना प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखी जा सकेगी। ऐसे में जामनगर के विद्यार्थियों और खगोल प्रेमियों को इस दुर्लभ घटना का वैज्ञानिक अवलोकन कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
जामनगर में होगा लाइव प्रसारण
जामनगर महानगरपालिका के सहयोग से म्युनिसिपल टाउनहॉल में सूर्यग्रहण का सैटेलाइट के माध्यम से लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा। कार्यक्रम में सूर्यग्रहण के विभिन्न चरणों की जानकारी के साथ खगोलीय गतिविधियों की वैज्ञानिक व्याख्या और रनिंग कमेंट्री भी की जाएगी।
इस आयोजन में गुजकोस्ट, गांधीनगर से प्रेरित एम.डी. मेहता जिला विज्ञान केंद्र, ध्रोल तथा खगोल मंडल, जामनगर की ओर से सहयोग दिया जा रहा है। स्थानीय संस्था रंगताली की भी आयोजन में सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम के माध्यम से जामनगर महानगरपालिका की नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के स्कूलों के विद्यार्थियों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों तथा खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले नागरिकों को सूर्यग्रहण की वैज्ञानिक जानकारी और लाइव दृश्य उपलब्ध कराया जाएगा।
आयोजन की रूपरेखा जामनगर खगोल मंडल के अध्यक्ष किरीटभाई शाह, एम. डी. मेहता विज्ञान केंद्र ध्रोल की सुधाबेन खंधेरिया, डॉ. संजय पंड्या और अमित व्यास सहित विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार की जा रही है।

