Home देश बढ़ते बिजली बिल व स्मार्ट मीटर के विरोध में युवा कांग्रेस का...

बढ़ते बिजली बिल व स्मार्ट मीटर के विरोध में युवा कांग्रेस का पावर हाउस घेराव

0

धमतरी, 07 अगस्त  बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर व्यवस्था और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के विरोध में शुक्रवार को जिला युवा कांग्रेस ने बठेना स्थित पावर हाउस का घेराव कर प्रदर्शन किया। हाथों में मिट्टी तेल का लैंप (कैंडल) लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता के नाम सहायक अभियंता भारत लाल सिन्हा को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

शुक्रवार को युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मकई गार्डन से पैदल मार्च कर बठेना स्थित पावर हाउस का घेराव किया। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सोनवानी, उपाध्यक्ष गीतराम सिन्हा और मोनू साहू ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में प्रीपेड व्यवस्था लागू होने की आशंका बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में लगातार बढ़ते बिजली बिलों ने गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। जिससे हर घर का बजट प्रभावित हो रहा है।

पूर्व विधायक लेखराम साहू ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की साय सरकार बनने के बाद बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है और कई उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में राहत देने और बिजली बिल हाफ योजना जैसी व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की। इस दौरान आनंद पवार, योगेश लाल, प्रशांत बोकड़े, गौतम वाधवानी, विशु देवांगन, लेखराज सिन्हा, आशुतोष खरे, अविनाश मरोठे, अजय सिन्हा, शास्त्री सोनवानी, वातांजलि गोस्वामी, गणेश्वरी कामड़े सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बिजली बिल से लेकर स्ट्रीट लाइट तक उठाए मुद्दे

ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बढ़े बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने, लिखित सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाने और इसे प्रीपेड प्रणाली से नहीं जोड़ने की मांग की। इसके अलावा 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आधा करने, बिजली दरों में वृद्धि पर रोक लगाने और शहर के विभिन्न वार्डों में पिछले एक माह से बंद स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराने की मांग भी शामिल रही। प्रत्येक गांव और शहर में बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने, स्मार्ट मीटर की तकनीकी जानकारी और बिल गणना प्रक्रिया को सार्वजनिक एवं पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Check Also
देश

दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए महिलाओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विधानसभा में किया स्वागत

Exit mobile version