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सीधी में भवरसेन घाट पर भूस्खलन का खतरा बढ़ा, तेज बारिश से 40 गांवों का संपर्क प्रभावित

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सोन नदी का पुल जलमग्न, पहाड़ी से लगातार खिसक रही मिट्टी, प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की दी सलाह

सीधी, 07 अगस्त मध्य प्रदेश के सीधीजिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे सोन नदी स्थित भवरसेन घाट पर तेज बारिश के कारण पुल पानी में डूब गया, जिससे सीधी मुख्यालय और रामपुर नैकिन तहसील के करीब 40 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। वहीं भवरसेन पहाड़ी से लगातार मिट्टी खिसकने के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।

करीब 500 मीटर लंबे पुल पर पानी भर जाने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण पुल से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। बारिश का असर भवरसेन पहाड़ी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सड़क किनारे स्थित पहाड़ी की तलहटी से लगातार मिट्टी और मलबा खिसक रहा है, जिससे किसी भी समय भूस्खलन होने की आशंका जताई जा रही है। यदि मलबा सड़क पर आया तो आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। स्थानीय ग्रामीणों ने बरसात के दौरान हर वर्ष उत्पन्न होने वाली इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई है। रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी ने बताया कि पहाड़ी से लगातार मिट्टी खिसक रही है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। प्रशासन पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही इस मार्ग का उपयोग करें। यदि कहीं मिट्टी या मलबा गिरता दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय ग्रामीण शैलेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि लगातार बारिश से मिट्टी का कटाव तेजी से हो रहा है। पुल पर पानी भरने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे वाहन चालकों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।

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