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रूस में 97 दिन से फंसे पिथौरागढ़ के दो भाइयों की सुरक्षित वतन वापसी

रोजगार का झांसा देकर ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से भेजे गए थे रूस, मुख्यमंत्री धामी के हस्तक्षेप के बाद घर लौटे

देहरादून, 11 अगस्त : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से रूस में करीब 97 दिन से फंसे पिथौरागढ़ निवासी दो भाई आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की मंगलवार को सुरक्षित अपने घर लौट आए। दोनों की सकुशल वापसी के बाद मुख्यमंत्री धामी ने फोन पर उनसे बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

परिजनों के अनुसार दोनों भाइयों को सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए उनसे करीब आठ लाख रुपये लिए गए। दोनों युवक पांच मई 2026 को भारत से रवाना हुए और छह मई को मॉस्को पहुंचे।

परिवार का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद दोनों को उस काम में नहीं लगाया गया, जिसके लिए उन्हें भेजा गया था। इसके बजाय उनकी इच्छा के विपरीत अन्य कार्य कराए गए और उसका पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया। युवकों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी और काम से मना करने पर उन्हें धमकाया जाता था।

लंबे समय तक नियमित संपर्क नहीं होने से परिजनों की चिंता बढ़ती गई। अंतिम संपर्क के दौरान युवकों ने जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी भी परिजनों को दी थी। इसके बाद परिवार ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई।

मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया। इसके बाद दोनों भाइयों की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित हो सकी।

घर लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों युवकों और उनके परिजनों से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। लंबे इंतजार के बाद दोनों बेटों के सुरक्षित घर पहुंचने पर परिवार ने राहत जताते हुए मुख्यमंत्री, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, राज्य सरकार के अधिकारियों और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का कोई भी नागरिक विश्व के किसी भी हिस्से में संकट में होगा तो राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जाती है।

दोनों युवकों की वापसी के प्रयासों में यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी और समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी परिवार के साथ संपर्क बनाए रखा तथा सरकार और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर समन्वय में सहयोग किया।

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