पूर्वी सिंहभूम, 16 अगस्त : पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। रविवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चल रहे छात्र और युवा आंदोलन से जनता का ध्यान हटाने के लिए सत्ताधारी दल खनन संशोधन विधेयक को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विधेयक लागू होने के बाद भी राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट से होने वाली आय पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।चंपाई सोरेन ने कहा कि संभावित असर अतिरिक्त सेस की राशि पर हो सकता है। उनके अनुसार वर्ष 2024-25 में सेस से 1,380 करोड़ रुपये और 2025-26 में 7,486 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि इस राशि पर वास्तविक प्रभाव केंद्र सरकार की ओर से कानून लागू होने के बाद जारी होने वाले दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगा। उन्होंने यह भी कहा कि खनन से राज्यों की आय में वर्ष 2014 के बाद 354 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और राज्यों को इस दौरान सात लाख करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि संशोधन से अबुआ आवास और मंईयां सम्मान जैसी योजनाओं पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अबुआ आवास योजना नवंबर 2023 में शुरू हुई थी, जबकि मंईयां सम्मान योजना की घोषणा जून 2024 में उनके कार्यकाल में हुई थी। उस समय सेस की राशि को इन योजनाओं से जोड़ने का कोई आधार नहीं था।
चंपाई सोरेन ने दावा किया कि राज्य सरकार हर वर्ष बड़ी राशि खर्च नहीं कर पाती। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 31,110 करोड़, 2023-24 में 32,744 करोड़ और 2022-23 में 24,623 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। उनका कहना है कि इस राशि का इस्तेमाल जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकता था।
उन्होंने अवैध खनन, डीएमएफटी में कथित गड़बड़ी, विस्थापन, प्रदूषण और नगड़ी में जमीन से जुड़े विवादों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। चंपाई सोरेन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन सप्ताह से रांची में छात्र और युवा आंदोलन कर रहे हैं और सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में युवा, किसान और आदिवासी-मूलवासी सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन कर सकते हैं।







