Homeराज्यमध्य प्रदेशमप्र के उज्जैन में धूमधाम से निकली बाबा महाकाल की सावन की...

मप्र के उज्जैन में धूमधाम से निकली बाबा महाकाल की सावन की तीसरी सवारी

भगवान महाकाल ने नगर भ्रमण कर जाना प्रजा का हाल, तीन स्वरूपों में भक्तों को दिए दर्शन

उज्जैन, 17 अगस्त : मध्य प्रदेश में सावन के तीसरे सोमवार प्रमुख शिवधामों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल की सावन मास की तीसरी सवारी धूमधाम से निकली। इस दौरान अवंतिकानाथ ने नगर भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल जाना। सवारी में बाबा महाकाल ने तीन स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए।

परम्परा के अनुसार, श्रावण-भाद्रपद में निकलने वाली सवारियों के क्रम में तीसरे सावन सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की तीसरी सवारी आस्था, उत्साह और उमंग के साथ निकाली गई। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चंद्रमौलेश्वर रूप में तथा हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में तथा गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले और अपनी प्रजा का हाल जाना।

भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा द्वारा पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद अनिल फिरोजिया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र वैभव यादव, नगर निगम सभापति कलावती यादव ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। सर्वप्रथम भगवान श्री महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात भगवान की आरती की गई।

पूजन के पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलें। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी गई। सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंची, जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का पूजन-अर्चन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप बाबा महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरूप देने के लिए पुलिस, आर्मी, होमगार्ड, महाकालेश्वर बैंड, विद्यालयीन एवं निजी बैंड ने अपनी अपनी प्रस्तुतियां दीं। ये सभी दल श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी के साथ सवारी मार्ग में अपनी प्रस्तुति देते हुए चले। सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।

सावन के तीसरे सोमवार को भगवान महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोले गए, जबकि महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए गए थे। इसके बाद से दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। खबर लिखे जाने तक उज्जैन में 8.42 लाख श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन कर चुके थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments