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पटना में 60 साल पुरानी लीज का खत्म होगा इंतजार! 432 एकड़ जमीन फ्री-होल्ड करने की तैयारी

पटना: राजधानी पटना में दशकों से लीज पर चली आ रही जमीन और संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पटना नगर निगम की विशेष बैठक में पीआरडीए की करीब 432 एकड़ जमीन में फैली 3,631 संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

इस फैसले से हजारों भूखंड, मकान, फ्लैट, दुकान और अन्य संपत्तियों के धारकों को अपनी संपत्ति पर अधिक स्पष्ट और मजबूत मालिकाना अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

432 एकड़ जमीन पर 3,631 संपत्तियां

नगर निगम के पास पीआरडीए की कुल 432.07 एकड़ अधिग्रहित जमीन बताई गई है। इसमें राजधानी के कई महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं।

इनमें राजेंद्र नगर में करीब 198 एकड़, श्रीकृष्णापुरी में 64 एकड़, मीठापुर में 59.69 एकड़, परिवहन नगर में 38.94 एकड़, बुद्धा कॉलोनी में 27.70 एकड़ और बेउर में 18.03 एकड़ जमीन शामिल है।

किन इलाकों के लोगों को मिलेगा फायदा?

फ्री-होल्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णापुरी, कंकड़बाग, मीठापुर, बुद्धा कॉलोनी, परिवहन नगर और बेउर समेत कई इलाकों के संपत्ति धारकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

इससे लंबे समय से लीज व्यवस्था के तहत रहने वाले लोगों के लिए संपत्ति के हस्तांतरण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आसान हो सकती हैं।

फ्री-होल्ड होने के बाद क्या बदलेगा?

लीज-होल्ड संपत्ति को फ्री-होल्ड में बदलने के बाद संपत्ति धारकों को कई मामलों में राहत मिल सकती है। खास तौर पर-

  • संपत्ति की खरीद-बिक्री आसान होगी।
  • संपत्ति का हस्तांतरण और म्यूटेशन सरल हो सकता है।
  • बैंक से लोन लेने में सुविधा होगी।
  • संपत्ति के मालिकाना अधिकार को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
  • भविष्य में संपत्ति के कानूनी लेन-देन में परेशानी कम होने की उम्मीद है।

हालांकि, जिन संपत्तियों का लीज डीड अभी तक निबंधित नहीं है, उनके लिए पहले लीज डीड का निबंधन कराना जरूरी होगा।

फ्री-होल्ड के लिए देना होगा परिवर्तन शुल्क

प्रस्तावित नीति के अनुसार, लीज-होल्ड संपत्ति को फ्री-होल्ड में बदलने के लिए वर्तमान न्यूनतम मूल्य दर (MVR) के आधार पर परिवर्तन शुल्क लिया जाएगा।

यदि संपत्ति मूल आवंटी या उसके वैध उत्तराधिकारी के पास है तो अद्यतन MVR का 10 प्रतिशत परिवर्तन शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, संपत्ति किसी दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित हो चुकी है तो यह शुल्क 12 प्रतिशत हो सकता है।

60 से 99 साल तक की लीज पर हुआ था आवंटन

पीआरडीए की ओर से अलग-अलग इलाकों में जमीन का आवंटन लंबे समय से लीज के आधार पर किया जाता रहा है। कई संपत्तियां 60 से 99 साल तक की लीज पर आवंटित की गई थीं।

अब इन्हीं पुरानी लीज संपत्तियों को फ्री-होल्ड में बदलने की प्रक्रिया से संपत्ति धारकों को लंबे समय से चली आ रही लीज व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम को भी मिलेगा बड़ा राजस्व

इस योजना से सिर्फ संपत्ति धारकों को ही फायदा नहीं होगा। फ्री-होल्ड के लिए लिए जाने वाले परिवर्तन शुल्क से पटना नगर निगम को भी बड़ी राशि राजस्व के रूप में मिलने की उम्मीद है।

यानी यह फैसला एक ओर हजारों संपत्ति धारकों के लिए राहत का रास्ता खोल सकता है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी कर सकता है।

प्रस्ताव पर अंतिम मंजूरी का इंतजार

फ्री-होल्ड से जुड़ा प्रस्ताव पहले सशक्त स्थायी समिति से पारित हो चुका है। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक में रखा गया है। पिछली बैठक में प्रस्ताव के कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता नहीं होने के कारण संशोधित प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया था।

इसलिए 432 एकड़ जमीन और 3,631 संपत्तियों के फ्री-होल्ड होने का अंतिम लाभ औपचारिक मंजूरी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मिलेगा।

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