समस्तीपुर: नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण सीमावर्ती इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका के बीच पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर रेल मंडल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक, पुल-पुलियों और जलस्तर की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
ट्रैक और पुलों की सुरक्षा पर विशेष नजर
समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों और रेलकर्मियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। खासकर उन रेलखंडों और पुलों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, जहां बाढ़ के पानी का असर पड़ने की आशंका है।
रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैक और पुलों को संभावित नुकसान से बचाना है।
पानी बढ़ा तो तुरंत रोकी जाएंगी ट्रेनें
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी रेलखंड पर बाढ़ का पानी बढ़ता है या ट्रैक और पुल की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका होती है, तो संबंधित ट्रेनों का परिचालन तत्काल नियंत्रित या रोक दिया जाएगा। इसका फैसला मौके की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया जाएगा।
इसका मतलब यह नहीं है कि फिलहाल सभी ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। ट्रेन परिचालन सामान्य रहने के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पूर्वी और पश्चिमी चंपारण से समन्वय
नेपाल से आने वाले पानी के संभावित प्रभाव को देखते हुए रेल प्रशासन ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाया है।
जलस्तर और बाढ़ की स्थिति से जुड़ी जानकारी रेलवे अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर ट्रेनों के परिचालन को लेकर तुरंत निर्णय लिया जा सके।
गंडक के जलस्तर पर भी नजर
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण गंडक नदी के जलस्तर में बदलाव को लेकर भी बिहार में चिंता बढ़ी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सड़क और रेल यातायात दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
रेल प्रशासन ऐसे किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रहा है।
यात्रियों के लिए क्या है जरूरी?
फिलहाल किसी व्यापक ट्रेन बंदी की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, बाढ़ की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और रेलवे की ताजा सूचना जरूर जांचनी चाहिए।
यदि किसी रेलखंड पर सुरक्षा संबंधी खतरा सामने आता है तो रेलवे ट्रेन को रोकने, नियंत्रित करने या उसका मार्ग बदलने जैसे कदम उठा सकता है।







