मुजफ्फरपुर: जमीन विवाद और निर्माणाधीन मकानों की बाउंड्री तोड़े जाने के मामले में सीतामढ़ी के बेलसंड से LJP (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस जांच में विधायक और उनके भाई सोनू सिंह की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। अब पुलिस दोनों के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेने की तैयारी में है।
6 बीघा जमीन विवाद से जुड़ा है मामला
मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां इलाके से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद के दौरान निर्माणाधीन मकानों और बाउंड्री को जेसीबी से तोड़े जाने की शिकायत सामने आई थी।
पुलिस का दावा है कि इस मामले में अब तक कई प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और जांच के दौरान विधायक के भाई समेत अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
विधायक के आवास पर हो चुकी है छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस ने अदालत से सर्च वारंट प्राप्त कर विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। तीन डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने कई घंटे तक घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस ने जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, एग्रीमेंट पेपर, बैंक लेनदेन से संबंधित कागजात और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों की अब जांच की जा रही है।
विधायक के भाई पर क्या हैं आरोप?
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, विधायक के भाई सोनू सिंह कुछ लोगों के साथ विवादित जमीन पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद निर्माणाधीन मकानों और बाउंड्री को तोड़ा गया तथा लोगों के साथ दबंगई की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर LJP (रामविलास) के झंडे लगी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
कई मामलों में जांच आगे बढ़ी
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती प्राथमिकी के बाद जमीन विवाद से जुड़े कई अन्य लोगों ने भी शिकायतें दीं। जांच आगे बढ़ने के साथ मामलों की संख्या बढ़ी है।
पुलिस अब दर्ज मामलों में नामजद और अन्य आरोपितों की भूमिका, घटनास्थल के वीडियो और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस अब गिरफ्तारी वारंट की तैयारी में
मामले में पुलिस ने केस डायरी तैयार करने और अदालत के समक्ष आवश्यक साक्ष्य रखने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस विधायक और उनके भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए अदालत में आवेदन करने की तैयारी में है।
हालांकि, वारंट जारी होना अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा। फिलहाल इसे पुलिस की ओर से प्रस्तावित कानूनी कार्रवाई के तौर पर देखा जाना चाहिए।
विधायक अमित कुमार रानू ने आरोपों को बताया निराधार
विधायक अमित कुमार रानू ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें और उनके भाई को साजिश के तहत मामले में घसीटा जा रहा है।
विधायक ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है और विवादित जमीन से अपने या अपने परिवार के संबंध से इनकार किया है।
पुलिस का दावा- जांच में सामने आ रहे साक्ष्य
दूसरी ओर, मुजफ्फरपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच उपलब्ध शिकायतों, वीडियो फुटेज और बरामद दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है। पुलिस के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।







