पटना: राजधानी पटना में नालों की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। अब सफाईकर्मियों को गहरे और गंदे नालों में उतरकर सफाई करने के जोखिम से राहत देने के लिए रोबोटिक रोवर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत पटना में 12 रोबोटिक रोवर लगाए जाने की योजना है।
नई तकनीक के जरिए नालों के अंदर जमा कचरा, गाद और अन्य अवरोधों को मशीन की मदद से हटाया जा सकेगा। इससे सफाई का काम अधिक सुरक्षित और तकनीकी तरीके से करने में मदद मिलेगी।
नालों में उतरने का जोखिम होगा कम
पटना में बड़े और गहरे नालों की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को कई तरह के जोखिम का सामना करना पड़ता है। जहरीली गैस, गंदा पानी, फिसलन और अचानक पानी का बहाव जैसी परिस्थितियां सफाईकर्मियों के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
रोबोटिक रोवर के इस्तेमाल से ऐसे स्थानों पर मशीन को भेजकर सफाई का काम कराया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों को सीधे नाले के अंदर उतरने की आवश्यकता कम होगी।
कैसे काम करेगा रोबोटिक रोवर?
रोबोटिक रोवर को नाले के अंदर भेजकर वहां जमा गाद और कचरे की पहचान की जाएगी। मशीन में लगे उपकरणों की मदद से नाले के अंदर की स्थिति को देखा और समझा जा सकेगा।
इसके बाद रोवर के जरिए जाम और जमा कचरे को हटाने का काम किया जाएगा। ऑपरेटर बाहर से मशीन को नियंत्रित करेगा, जिससे सफाईकर्मी सुरक्षित स्थान पर रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर सकेंगे।
12 रोबोटिक रोवर से होगी सफाई
पटना में चरणबद्ध तरीके से 12 रोबोटिक रोवर का इस्तेमाल किए जाने की योजना है। इन मशीनों को ऐसे नालों में लगाया जाएगा, जहां सफाई के दौरान कर्मचारियों के लिए जोखिम अधिक रहता है।
इससे बड़े नालों की सफाई में मशीनों का उपयोग बढ़ेगा और सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
कैमरे और आधुनिक उपकरणों से होगी निगरानी
रोबोटिक सफाई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नाले के अंदर की स्थिति को बाहर से देखा जा सकेगा। रोवर में लगे कैमरे और अन्य तकनीकी उपकरणों के जरिए ऑपरेटर को अंदर की स्थिति की जानकारी मिलेगी।
इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि नाला कहां जाम है, कितनी गाद जमा है और किस स्थान पर सफाई की जरूरत ज्यादा है।
सफाई व्यवस्था में आएगा बदलाव
पटना में बारिश के दौरान जलजमाव एक बड़ी समस्या रही है। कई जगह नालों में कचरा और गाद जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है।
रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल से नालों की नियमित सफाई और जाम की समस्या को समय रहते दूर करने में मदद मिल सकती है। इससे शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
सफाईकर्मियों की सुरक्षा पर खास जोर
नई तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सफाईकर्मियों की सुरक्षा है। मैनुअल सफाई के दौरान कर्मचारियों को नाले के अंदर उतरना पड़ सकता है, जिससे दुर्घटना और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बना रहता है।
रोबोटिक रोवर के इस्तेमाल से खतरनाक स्थानों पर इंसानों की जगह मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकेगा। इससे सफाईकर्मियों को जोखिम भरे काम से बचाने में मदद मिलेगी।
पटना को आधुनिक सफाई व्यवस्था देने की कोशिश
राजधानी में स्मार्ट और आधुनिक शहरी सुविधाओं को बढ़ावा देने के तहत सफाई व्यवस्था में भी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। रोबोटिक रोवर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अगर यह व्यवस्था प्रभावी साबित होती है तो भविष्य में शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।







