भागलपुर : सिल्क सिटी भागलपुर और आसपास के इलाकों में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। खतरे के निशान को पार करने के बाद अब बाढ़ का पानी खेत-खलिहानों और दियारा क्षेत्रों से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई गांवों में पानी घरों की चौखट लांघकर अंदर प्रवेश कर चुका है। संपर्क सड़कें डूबने से कई इलाकों में आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 34.16 मीटर दर्ज किया गया। भागलपुर में खतरे का निशान 33.68 मीटर है। इस लिहाज से नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंगा का सर्वकालिक उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL 34.86 मीटर है और मौजूदा जलस्तर इससे महज 70 सेंटीमीटर नीचे है।
1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। हालांकि, पिछले 24 घंटे की तुलना में पानी बढ़ने की रफ्तार में कुछ कमी आई है। पहले जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा था, जबकि अब वृद्धि की रफ्तार करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे बताई जा रही है। इसके बावजूद लगातार बढ़ता पानी तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
घरों में घुसा पानी, सामान समेटने को मजबूर ग्रामीण
बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात बेहद मुश्किल हो गए हैं। कई परिवारों के घरों और आंगन में पानी पहुंच चुका है। ग्रामीणों ने पानी को घरों में घुसने से रोकने के लिए बोरी और मिट्टी का सहारा लिया, लेकिन बढ़ते जलस्तर के सामने ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
पानी बढ़ने के बाद कई परिवार जरूरी सामान, अनाज और बिस्तर समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। कुछ लोग ऊंचे बांधों, पक्के भवनों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ मवेशियों को बचाने की भी बड़ी चुनौती है।
मुंगेर से सुल्तानगंज तक गंगा का दबाव
भागलपुर में बढ़ते जलस्तर का असर केवल स्थानीय इलाकों तक सीमित नहीं है। गंगा के ऊपरी हिस्से से लगातार आ रहा पानी नदी पर दबाव बनाए हुए है। पड़ोसी जिले मुंगेर के कई निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैलने की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम और आसपास के गंगा तटीय इलाकों में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कई तटवर्ती पंचायतों के गांवों में पानी फैल गया है। कुछ पक्के और कच्चे मकान भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
प्रशासन की टीमें कर रही निगरानी
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल भागलपुर में गंगा का जलस्तर HFL के करीब पहुंचने के कारण आने वाले घंटों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नदी के जलस्तर में होने वाला हर बदलाव तटवर्ती गांवों की स्थिति पर सीधा असर डाल सकता है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीण भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।







