पटना : बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह सीटों के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा समय से काफी पहले उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने पर जदयू के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजद ने जल्दबाजी में उम्मीदवारों के नाम इसलिए घोषित किए हैं, ताकि दूसरे दलों से आने वाले लोग कहीं वापस न चले जाएं।
श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव को उम्मीदवारों की घोषणा करनी है तो करते रहें। इसका महागठबंधन की चुनावी रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि विधान परिषद की सभी छह सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे।
प्रधानमंत्री के कार्यकाल के समर्पण माह को लेकर भी बोले
प्रधानमंत्री के कार्यकाल और उनके जन्मदिवस के अवसर पर सरकारी स्तर पर एक महीने तक सेवा और समर्पण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने के सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि बिहार में भी लोग इस तरह के आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे गलत नहीं कहा जा सकता। हालांकि, सरकार किस स्तर पर और किस तरीके से कार्यक्रम आयोजित कर रही है, इसका जवाब सरकार में शामिल लोग ही देंगे।
शरद यादव और रघुवंश प्रसाद की प्रतिमा पर कही ये बात
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूर्व नेताओं शरद यादव और रघुवंश प्रसाद सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर श्याम रजक ने कहा कि कौन किसे पत्र लिख रहा है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार इन बड़े नेताओं के विचारों और सिद्धांतों के आधार पर चले तो राज्य के लिए ज्यादा बेहतर होगा।
JDU में टूट के RJD के दावे पर पलटवार
राजद की ओर से जदयू में कुछ नहीं बचने और पार्टी के टूटने के दावों पर भी श्याम रजक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजद को पहले अपने संगठन की चिंता करनी चाहिए। उनके मुताबिक राजद में ही अब कुछ बचा हुआ नहीं है।
श्याम रजक ने कहा कि जदयू पूरी तरह एकजुट है और आगे भी एकजुट रहेगी। पार्टी के नाम में बदलाव को लेकर चल रही चर्चा पर उन्होंने कहा कि नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला संगठन ही करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जदयू की एकजुटता पर किसी तरह का सवाल नहीं है।







