पटना : बिहार सरकार 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। यह अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इस दौरान राज्यभर में घरों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक रूप से दीप जलाए जाएंगे। सरकार ने अभियान के जरिए जनभागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने की तैयारी की है।
इसके साथ ही 17 सितंबर से मार्च 2027 तक ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ भी चलाया जाएगा। इसके तहत सरकारी भवनों और बुनियादी सुविधाओं के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी भवनों की मरम्मत का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि रंग-रोगन का काम दिवाली तक पूरा करने की तैयारी है।
मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा
अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अभियान के 13 प्रमुख घटकों की तैयारियों की जानकारी ली गई और अधिकारियों को सभी काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव और जिलाधिकारी शामिल हुए।
शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और पंचायती राज समेत नौ प्रमुख विभाग अभियान में अहम भूमिका निभाएंगे।
‘सेवा सेतु’ के जरिए लोगों तक पहुंचेगी सरकार
अभियान के दौरान प्रखंड और विधानसभा स्तर पर ‘सेवा सेतु’ यानी ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को उनके क्षेत्र में ही सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने और समस्याओं का मौके पर निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
केंद्र की 26 प्रमुख योजनाओं समेत अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े मामलों का भी शिविरों में समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’
अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम घरों के अलावा कम से कम 10 प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन किया जाएगा। सरकार इसे जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी में है।
स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें ‘विकसित भारत संकल्प’ विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। साथ ही अभिभावक-शिक्षक बैठक के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
नुक्कड़ नाटक के जरिए बताएंगे 25 साल का विकास
18 से 20 सितंबर तक ‘सेवा स्मरण’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। इनमें पिछले 25 वर्षों में हुए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। 2 अक्टूबर को विशेष मंचन भी किया जाएगा।
इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगनका मिलन’, सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की ‘कहानी बदलाव की’, युवाओं की ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तालाब और छठ घाटों की होगी सफाई
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत तालाबों और छठ घाटों की सफाई की जाएगी। पौधरोपण और स्वच्छता से जुड़ी 25 गतिविधियां भी आयोजित होंगी। वहीं ‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम में मानव रंगोली के साथ चयनित शहरों में 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडला’ तैयार किया जाएगा।
स्टार्टअप्स से मांगे जाएंगे समाधान
‘नवाचार चुनौती’ के तहत स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान के लिए स्टार्टअप्स से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। उपयोगी और प्रभावी समाधानों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा पंचायत और नगर निकायों के सक्रिय प्रतिनिधियों की सहभागिता के लिए ‘जनसेवक महाकुंभ’ आयोजित होगा। ‘25 साल, 25 कहानियां’ कार्यक्रम के तहत बिहार की प्रमुख उपलब्धियों को तथ्यात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
मार्च 2027 तक चलेगा कायाकल्प अभियान
‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत सरकारी भवनों और बुनियादी ढांचे को बेहतर किया जाएगा। नए निर्माण कार्यों के लिए मार्च 2027 तक की समय-सीमा तय की गई है। सरकार का लक्ष्य अभियान के जरिए जनसंवाद बढ़ाने, सरकारी योजनाओं की पहुंच आसान बनाने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना है।







