Vehicle Transfer Online: सेकेंड हैंड वाहन खरीदने और बेचने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने के लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन सिस्टम लागू किया है। अब वाहन के Ownership Transfer के लिए खरीदार और विक्रेता दोनों को गाड़ी लेकर DTO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी।
Aadhaar OTP से होगा Verification
नए सिस्टम में खरीदार और विक्रेता दोनों का Aadhaar OTP के जरिए Verification किया जाएगा। आवेदन करने पर वाहन विक्रेता के Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। इसके बाद खरीदार का भी OTP के जरिए सत्यापन होगा।
दोनों पक्षों की Digital Consent मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई RC (ऑनरबुक) डाक के जरिए खरीदार के पते पर भेजी जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन आवेदन में इन Documents की जरूरत
वाहन ट्रांसफर के लिए खरीदार और विक्रेता को जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर स्कैन करके अपलोड करने होंगे।
वाहन की Original RC/ऑनरबुक
वैध Insurance
Pollution Certificate
खरीदार और विक्रेता की फोटो
दोनों पक्षों का Aadhaar Card
Aadhaar से लिंक Mobile Number
वाहन की स्पष्ट फोटो
Engine Number और Chassis Number की फोटो
Chassis का Pencil Print
Signed Form 29 और Form 30
दोनों पक्षों का Self Affidavit
इन मामलों में लगेंगे अतिरिक्त Documents
अगर वाहन Finance पर है, तो संबंधित Bank या Financial Institution की NOC और Form 35 की जरूरत होगी।
दूसरे राज्य से वाहन Transfer कराने की स्थिति में संबंधित RTO से Form 28 और NOC जमा करना होगा।
अगर वाहन मालिक की मृत्यु हो चुकी है, तो Death Certificate, Legal Heir/वंशावली से जुड़े दस्तावेज और Form 31 की आवश्यकता होगी।
वहीं 15 साल पुरानी गाड़ी का Registration समाप्त हो चुका है, तो पहले मौजूदा मालिक को उसका Re-Registration कराना होगा। इसके बाद ही Ownership Transfer की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Transfer पूरा होने से पहले वाहन न सौंपें
परिवहन विभाग ने वाहन बेचने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक, जब तक पोर्टल पर Ownership Transfer की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक वाहन खरीदार को सौंपने से बचना चाहिए।
सिर्फ Stamp Paper पर वाहन बेचने का Agreement कर लेने से पुराने मालिक की कानूनी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। Transfer पूरा होने से पहले अगर वाहन किसी दुर्घटना या आपराधिक घटना में शामिल हो जाता है, तो पुराने मालिक को भी कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं खरीदार को भी वाहन लेने से पहले उसके Pending Challan, Tax और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच कर लेनी चाहिए। इससे बाद में होने वाली कानूनी और वित्तीय परेशानी से बचा जा सकता है।







