पटना : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख नेताओं में शामिल जीतन राम मांझी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर पर लिया जाएगा और एनडीए गठबंधन से बातचीत के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।
जीतन राम मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी चुनाव लड़ना चाहती है। इस संबंध में एनडीए गठबंधन के साथ बातचीत की जाएगी। अगर गठबंधन की ओर से अनुमति मिलती है, तो HAM उत्तर प्रदेश में चुनाव मैदान में उतर सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे।
कई राज्यों में चुनाव, कार्यकर्ता सक्रिय
मांझी ने कहा कि आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता सक्रिय हैं और पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी संबंधित राज्यों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
चिराग पासवान के बयान पर मांझी की नसीहत
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के उस बयान पर भी जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में गठबंधन नहीं हुआ तो उनकी पार्टी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ सकती है।
मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए एकजुट है। ऐसे में गठबंधन के किसी भी दल के नेता को एनडीए के खिलाफ बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर किसी मुद्दे पर बातचीत की जा सकती है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर एनडीए के खिलाफ टिप्पणी करना उचित नहीं है।
यूपी में गठबंधन की तस्वीर अभी साफ नहीं
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए के घटक दलों की रणनीति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जीतन राम मांझी के बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि HAM उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक संभावनाएं तलाश रही है। हालांकि, पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उसका एनडीए के साथ सीट बंटवारा किस तरह होगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।







