पटना : बिहार के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य के विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के तहत सात नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी मिल गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इन पाठ्यक्रमों को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि छात्रों को सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि पढ़ाई के साथ संबंधित क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उच्च शिक्षा संस्थानों को उद्योग एवं कॉरपोरेट क्षेत्र की जरूरतों से जोड़ना है।
कौन-कौन से 7 नए कोर्स होंगे?
AEDP के तहत सात रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई है। इनमें बैंकिंग से लेकर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और कंटेंट राइटिंग तक के क्षेत्र शामिल हैं।
1. बी.कॉम – बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (BFSI)
2. बी.कॉम – रिटेल ऑपरेशंस
3. बी.कॉम – ई-कॉमर्स ऑपरेशंस
4. बी.कॉम – ह्यूमन रिसोर्स (HR) ऑपरेशंस
5. बीए – कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग
6. बीएससी – हेल्थकेयर मैनेजमेंट
7. बीएससी – डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
इन पाठ्यक्रमों को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थियों को अपने मुख्य विषय की पढ़ाई के साथ-साथ संबंधित इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव भी मिल सके।
4 विश्वविद्यालयों में लागू होगा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में लागू किया जा रहा है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद चार वर्षीय AEDP और इसके सात पाठ्यक्रमों के लिए अध्यादेश एवं नियमों को स्वीकृति दी गई है।
छात्रों को मिलेगा स्टाइपेंड
इस योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अप्रेंटिसशिप करने वाले छात्रों को 12,300 रुपये प्रति माह तक स्टाइपेंड मिलने का प्रावधान है।
पढ़ाई के साथ मिलेगा काम का अनुभव
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय उन्हें नौकरी के लिए तैयार करना है। अप्रेंटिसशिप के जरिए विद्यार्थी संबंधित क्षेत्र में वास्तविक कार्य अनुभव हासिल कर सकेंगे। इससे पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार पाने में उन्हें मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार की योजना उच्च शिक्षा संस्थानों और नियोक्ताओं के बीच सहयोग बढ़ाने तथा उद्योग की जरूरत के मुताबिक कुशल स्नातक तैयार करने की है।
कब से लागू होगी नई व्यवस्था?
राज्य में चार वर्षीय स्नातक अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम को 30 सितंबर 2026 से लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं राज्यपाल सचिवालय की 2 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना में चार वर्षीय UG AEDP के संशोधित अध्यादेश और नियमों का भी उल्लेख किया गया है।







