डेस्क : बिहार और झारखंड के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। भागलपुर से झारखंड सीमा तक करीब 67 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 1,720 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के पूरा होने से बिहार से झारखंड आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ माल परिवहन को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दो चरणों में होगा फोरलेन सड़क का निर्माण
जानकारी के मुताबिक, भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में भागलपुर से खड़हरा तक सड़क निर्माण पर करीब 857 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि दूसरे चरण में खड़हरा से झारखंड सीमा के भलजोर तक सड़क के निर्माण पर करीब 863 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दोनों चरणों की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। परियोजना के तहत मौजूदा सड़क को बेहतर और चौड़ा कर फोरलेन स्वरूप दिया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
बिहार से झारखंड जाना होगा आसान
फोरलेन सड़क बनने के बाद भागलपुर, बांका और झारखंड सीमा से जुड़े इलाकों में आवागमन आसान होने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने से जाम और यात्रा में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिल सकती है।
यह सड़क बिहार और झारखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने से क्षेत्रीय कारोबार और परिवहन व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
9 अक्टूबर को शिलान्यास की तैयारी
परियोजना के शिलान्यास को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 9 अक्टूबर को संभावित आगमन को लेकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया गया है। हालांकि, अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि के बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
झारखंड कनेक्टिविटी के लिए कई परियोजनाएं
बिहार-झारखंड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्र में अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना का एक पैकेज नवंबर 2026 से वाहनों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, भागलपुर क्षेत्र से झारखंड को जोड़ने वाली अन्य सड़क परियोजनाएं भी परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।







