पटना : बिहार कांग्रेस ने अपने मीडिया विभाग का नए सिरे से गठन करते हुए 93 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। नेशनल टैलेंट हंट के तहत तैयार की गई इस टीम में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। सूची में पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा, दलित और आदिवासी वर्गों से कुल 46 सदस्यों को जिम्मेदारी मिलने की बात सामने आई है।
नई टीम में सामान्य वर्ग के 44 सदस्य हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से 21, अनुसूचित जाति (SC) से 13, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से 10 और अनुसूचित जनजाति (ST) से 2 सदस्यों को शामिल किया गया है। इन आंकड़ों के अनुसार OBC, EBC, SC और ST को मिलाकर संख्या 46 होती है।
93 सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां
बिहार कांग्रेस की नई मीडिया टीम में सिर्फ प्रवक्ताओं को ही जगह नहीं दी गई है। संगठन ने मीडिया से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए अलग पद बनाए हैं।
नई व्यवस्था में राज्य मीडिया संयोजक, मीडिया उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय समन्वयक, प्रदेश प्रवक्ता, मीडिया पैनलिस्ट, शोधकर्ता, प्रचार समन्वयक और जिला प्रवक्ता जैसे पद शामिल हैं। कुल 93 सदस्यों को इन्हीं जिम्मेदारियों के तहत नियुक्त किया गया है।
असित नाथ तिवारी को राज्य मीडिया संयोजक बनाया गया है। वहीं ज्ञान रंजन और पंकज यादव को राज्य मीडिया उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। क्षेत्रीय समन्वयक के तौर पर डॉ. तबरेज हसन, राजीव मेहता और अमित कुमार को जिम्मेदारी मिली है।
प्रवक्ताओं से लेकर रिसर्च टीम तक का विस्तार
नई टीम में 19 राज्य प्रवक्ता, 22 राज्य मीडिया पैनलिस्ट, 15 राज्य शोधकर्ता, 11 राज्य प्रचार समन्वयक और 20 जिला प्रवक्ता शामिल हैं। इससे पार्टी के मीडिया ढांचे को राज्य से लेकर जिला स्तर तक व्यवस्थित करने की कोशिश दिखाई देती है।
मीडिया पैनलिस्ट और प्रवक्ता टीवी डिबेट तथा अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष रखेंगे, जबकि शोधकर्ता और प्रचार समन्वयक राजनीतिक मुद्दों पर सामग्री तैयार करने और उसे अलग-अलग माध्यमों तक पहुंचाने में भूमिका निभा सकते हैं।
सामाजिक प्रतिनिधित्व पर जोर
93 सदस्यीय टीम में 46 सदस्यों का OBC, EBC, SC और ST वर्गों से होना नई सूची का एक प्रमुख पहलू है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीम में OBC के 21, EBC के 10, SC के 13 और ST के 2 सदस्य हैं। यानी कुल 46 सदस्य इन चार सामाजिक श्रेणियों से आते हैं।
बिहार की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के नए मीडिया विभाग में अलग-अलग सामाजिक समूहों की भागीदारी पार्टी के संगठनात्मक और संचार ढांचे का एक उल्लेखनीय हिस्सा है। हालांकि, इस प्रतिनिधित्व का राजनीतिक प्रभाव कितना होगा, यह आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों और नई टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
अजय कुमार पासवान को मिली मीडिया विभाग की कमान
मीडिया विभाग की नई टीम के गठन के बाद विभाग के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। कांग्रेस ने अजय कुमार पासवान को बिहार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सहमति के बाद हुई है।
इस तरह एक तरफ कांग्रेस ने मीडिया विभाग में नई टीम उतारी है, तो दूसरी तरफ विभाग के नेतृत्व में भी बदलाव किया है। अब नई टीम के सामने पार्टी के राजनीतिक मुद्दों को राज्य और जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।
अब नई टीम के सामने क्या चुनौती?
93 सदस्यीय मीडिया विभाग को अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां दी गई हैं। ऐसे में टीम के सामने चुनौती केवल टीवी डिबेट या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगी। सोशल मीडिया, रिसर्च, जिला स्तर के संवाद और पार्टी के राजनीतिक संदेश को अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाना भी इसकी भूमिका का हिस्सा होगा।
फिलहाल नई टीम के गठन में सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक विस्तार दोनों पहलू प्रमुखता से सामने आए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था कांग्रेस के मीडिया संचालन और जनसंचार को किस तरह प्रभावित करती है।







