1,799 पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने उठाई आवाज, कई हिरासत में; परीक्षा रद्द करने का नोटिस वापस लेने की मांग
पटना: बिहार में 1,799 पदों पर होने वाली दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में गुरुवार को अभ्यर्थियों ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से शुरू हुआ प्रदर्शन जेपी गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे। बाद में डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी लोक सेवक आवास का घेराव करने निकले थे। उनके हाथों में पोस्टर थे, जिनके माध्यम से वे 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट की तारीख घोषित करने और परीक्षा रद्द करने का नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे थे।
जेपी गोलंबर पर तोड़ी बैरिकेडिंग
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने गांधी मैदान से आगे बढ़ने वाले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए।
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क से उठाकर पुलिस वाहन में बैठाया। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात रहा।
एक महीने से धरने पर बैठे हैं अभ्यर्थी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पिछले एक महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्होंने लोक सेवक आवास का घेराव करने का फैसला लिया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में मुख्य परीक्षा रद्द करने के नोटिस को वापस लेना, भर्ती प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करना और आगे की परीक्षा से जुड़ी तारीखें जारी करना शामिल है। इसके अलावा, वे 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट की तारीख घोषित करने की मांग भी कर रहे हैं।
परीक्षा रद्द होने से भविष्य प्रभावित होने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए एक अभ्यर्थी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि परीक्षा होने के चार महीने बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया, जो अभ्यर्थियों के साथ ज्यादती है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी और भविष्य पर असर पड़ा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द निर्णय लेने और आगे की कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। फिलहाल, प्रदर्शन के दौरान पटना के प्रमुख मार्गों पर पुलिस की तैनाती रही। अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े रहे और परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग करते रहे।







